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पति देता रहा पहरा, जेठ-देवर लूटते रहे आबरू, 3 बार थाने से भगाई गई गैंगरेप पीड़िता, इंसाफ के लिए कलेक्ट्रेट के सामने मचाया हंगामा, मचा हड़कंप

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राजगढ़। दोपहर की तपती धूप और कलेक्ट्रेट का व्यस्त इलाका। अचानक लोगों की नजरें आसमान की तरफ उठ गईं। पानी की एक ऊंची टंकी पर एक महिला हाथ में कुछ कागज लिए खड़ी थी। उसकी आंखों में गुस्सा भी था और बेबसी भी। नीचे लोगों का हुजूम जुटने लगा, हर कोई इस खौफनाक मंजर को देखकर सन्न था। किसी अनहोनी की आशंका से लोगों के पसीने छूट रहे थे। आनन-फानन में पुलिस को खबर दी गई और पलक झपकते ही पुलिस का अमला मौके पर पहुंच गया। महिला अपनी जान की परवाह किए बिना वहां डटी थी, क्योंकि जमीन पर उसे इंसाफ नहीं मिल रहा था।

गैंगरेप का सनसनीखेज आरोप

जब पुलिस ने नीचे से महिला को आवाज देकर उसकी परेशानी जाननी चाही, तो उसने जो बताया वह समाज को झकझोर देने वाला था। महिला ने अपने ही ससुराल की दहलीज पर हुई दरिंदगी की पोल खोल दी। उसने सरेआम आरोप लगाया कि उसके जेठ और देवर ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया है। सबसे ज्यादा रौंगटे खड़े कर देने वाली बात तो यह थी कि जब हैवान उसकी आबरू लूट रहे थे, तब उसका अपना पति दरवाजे पर खड़ा पहरेदारी कर रहा था। महिला के मुताबिक, ये लोग लगातार उसके साथ मारपीट करते आ रहे हैं और उसका जीना मुहाल कर दिया है।

सिस्टम की लापरवाही ने किया मजबूर

आखिर एक महिला को यह खौफनाक कदम क्यों उठाना पड़ा? इसका जवाब व्यवस्था की नाकामी में छिपा है। यह पूरा वाकया मध्य प्रदेश के राजगढ़ का है। पीड़िता का कहना है कि वह अपने साथ हुई ज्यादती की शिकायत लेकर तीन बार थाने गई थी। उसने टीआई मैडम के सामने हाथ जोड़े, विनती की, लेकिन खाकी वर्दी ने उसकी एक नहीं सुनी। जब उसे लगा कि उसकी गुहार कोई सुनने वाला नहीं है, तब जाकर उसने प्रशासन को जगाने के लिए टंकी पर चढ़ने का यह खतरनाक रास्ता अपनाया। उसका साफ कहना था कि जब तक उन दरिंदों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वह नीचे नहीं उतरेगी।

एसपी के दखल के बाद लौटी उम्मीद

लंबे समय तक चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे की खबर जब एसपी अमित तोलानी तक पहुंची, तो उन्होंने तुरंत अपनी स्पेशल टीम और कोतवाली पुलिस को मोर्चे पर भेजा। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी काफी देर तक महिला की चिरौरी करते रहे। उसे पक्का भरोसा दिलाया गया कि अब उसकी शिकायत सीधे एसपी साहब खुद सुनेंगे और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। तब जाकर महिला थोड़ी शांत हुई। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत और मिन्नतों के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।

बंद ताले के बावजूद कैसे पहुंची चोटी पर?

इस पूरी घटना में नगर पालिका की लापरवाही भी उजागर हुई। हैरानी की बात यह है कि टंकी के मुख्य दरवाजे पर ताला लटका हुआ था। किसी को भनक तक नहीं लगी कि बंद ताले के बावजूद महिला इतनी ऊंचाई तक कैसे पहुंच गई। हद तो तब हो गई जब महिला नीचे उतरने को तैयार थी, लेकिन कर्मचारियों को ताले की चाबी ही नहीं मिल रही थी। काफी देर बाद जब चाबी आई, तब जाकर दरवाजा खुला और महिला को बाहर निकाला जा सका। इसके बाद महिला को सीधे एसपी कार्यालय ले जाया गया, जहां उसकी पूरी सुनवाई के बाद पुलिस ने देर शाम उसके पति, जेठ और देवर के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म और प्रताड़ना का मामला दर्ज कर लिया है।

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विकास पाण्डेय

न्यूज एडिटर

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला मुख्यालय से वर्ष 1988 से निरंतर प्रकाशित हो रहे प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र 'केलो प्रवाह' के 'Digital Wing' में News Editor की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। Finance (NBFC) क्षेत्र के 15 वर्षों के अनुभव के बाद इन्होंने 'RIG24 Media Network' से Journalism की शुरुआत की और कार्य के दौरान ही 'BJMC' की Professional Degree प्राप्त की। ​विकास अक्टूबर 2021 से 'केलो प्रवाह' के Web News Portal और Social Media Platforms का संचालन एवं संपादन कर रहे हैं। ये विशेष रूप से क्षेत्रीय घटनाक्रम, Exclusive रिपोर्ट्स, सीएम की गतिविधियों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ Agriculture, Politics, Finance, Infrastructure, Development, Employment, Sports, Career, Current Affairs, सामाजिक, देश-प्रदेश और शासन-प्रशासन से संबंधित कई विषयों पर निरंतर लेखन कर रहे हैं, जो पाठकों की जरूरत के अनुसार उपयोगी हों।

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