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कम पढ़े लिखे क्रिकेटर टीम इंडिया टीम में आते ही कैसे बोलने लगते हैं फर्राटेदार अंग्रेजी, जानें कैसे?

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क्रिकेट डेस्क: भारत की जनसंख्या 140 करोड़ से भी अधिक है, इसलिए एक युवा क्रिकेट खिलाड़ी के लिए नेशनल टीम तक पहुंचने की राह बहुत कठिन हो सकती है. अधिकांश खिलाड़ी गरीबी और मुश्किल परिस्थितियों से होकर इस मुकाम पर पहुंचते हैं.बऐसे बहुत से खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने 10वीं या 12वीं तक की पढ़ाई भी पूरी नहीं की, लेकिन टीम इंडिया में आते ही वो फर्राटेदार इंग्लिश बोलने लगते हैं. तो चलिए जानते हैं कि कैसे कम पढ़े-लिखे क्रिकेटर भी भारतीय टीम के साथ जुड़ने के बाद अच्छी अंग्रेजी बोलने लगते हैं.

यह तथ्य चौंकाने वाला है, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) समय-समय पर खिलाड़ियों की पर्सनालिटी में सुधार लाने के लिए अंग्रेजी भाषा की क्लास का आयोजन करवाता रहता है. यहां तक कि डोमेस्टिक अंपायरों के लिए भी इस तरह से सेशन करवाए जाते रहे हैं. दावा किया जाता है कि बोर्ड अपने खिलाड़ियों के पर्सनालिटी डेवलपमेंट पर काफी ध्यान देता है. साल 2015 में BCCI ने अंपायरों को अंग्रेजी की कोचिंग देने के लिए द ब्रिटिश काउंसिल के साथ मिलकर एक कोर्स तक शुरू कर दिया था.

एमएस धोनी को भी होती थी दिक्कत

एक समय था जब एमएस धोनी को भी अंग्रेजी बोलने में समस्याएं थीं. मगर धोनी ने एक बार कहा था कि उन्होंने दूसरों को बोलते देख देखकर अंग्रेजी भाषा बोलनी सीखी थी. जब इंटरव्यू लेने वाले व्यक्ति और साथी क्रिकेटर इंग्लिश बोलते तब धोनी उन्हें ध्यान से सुना करते थे. वहीं वीरेंदर सहवाग और हरभजन सिंह के भी बहुत किस्से हैं जब वो अंग्रेजी में इंटरव्यू देने से परहेज किया करते थे. मगर आज धोनी ही नहीं बल्कि पुराने और नए क्रिकेटर भी साफ और स्पष्ट इंग्लिश बोल लेते हैं.

सीधे और स्पष्ट शब्दों में कहें तो जब आसपास अंग्रेजी भाषा का वातावरण बना हो, तो धीरे-धीरे अन्य क्रिकेटरों की अंग्रेजी पर पकड़ मजबूत होने लगती है. मगर मोहम्मद शमी का एक वीडियो खूब वायरल हुआ था जब वो अपनी बात को अंग्रेजी में ट्रांसलेट करने के लिए विराट कोहली को अपने साथ ले गए थे. वहीं कई साल पहले तेज गेंदबाज प्रवीन कुमार, राहुल द्रविड़ को अंग्रेजी ट्रांसलेशन के लिए अपने साथ ले जाया करते थे. मगर ऐसा नहीं है कि उनकी अंग्रेजी पर बिल्कुल पकड़ नहीं है. दरअसल वातावरण को देख शमी और प्रवीन को भी अंग्रेजी का बेसिक ज्ञान तो हो ही गया होगा.

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