- जानबूझकर आवासीय कॉलोनी के बची हुई भूमि पर अतिक्रमण, तहसीलदार के आदेश पर कार्रवाई बाकी
रायगढ़, 3 सितंबर (केलो प्रवाह)। खुली पड़ी शासकीय भूमि पर तो बड़ी आसानी से बेजा कब्जा हो जाता है। कई लोग हाउसिंग बोर्ड की खाली पड़ी जमीन पर भी अतिक्रमण कर लेते हैं। दीनदयालपुरम फेज-1 में एक व्यक्ति ने खाली जमीन पर ही अतिक्रमण करके मकान बना लिया। शिकायत हुई तो तहसीलदार ने जांच के आदेश दिए। मामला छोटे अतरमुड़ा के दीनदयालपुरम फेज-1 का है। यहां हाउसिंग बोर्ड को खनं 93 रकबा 0.8740 हे. छोटे झाड़ के जंगल और घास मद की जमीन आवंटित की गई थी।
बोर्ड ने कॉलोनी निर्माण के बाद ईडब्ल्यूएस मकान भी बनाए थे। जमीन हाउसिंग बोर्ड के नाम पर है लेकिन सदानंद साहू ने 960 वर्गफुट भूमि पर अवैध कब्जा करते हुए मकान निर्माण कर लिया। मकान में वरुण साहू अपने पिता सदानंद साहू के साथ निवासरत है। ईडब्ल्यूएस कॉलोनी बनाने के बाद कुछ जमीन खाली बच गई थी। उसी पर कब्जा किया गया है।
कब्जेदार का कहना है कि हाउसिंग बोर्ड ने अधूरा अटल आवास बनाकर छोड़ दिया था। उसमें एसबेस्टस शीट लगाकर मरम्मत करने के बाद निवास करना प्रारंभ किया गया। नोटिस के जवाब वरुण साहू कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। तहसीलदार ने अतिक्रमणकर्ता पर 1000 रुपए का अर्थदंड लगाते हुए शासकीय भूमि से बेदखल करने का आदेश दिया है।
रोड पर किया कब्जा
हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों का हाल बदहाल है। एक भी कॉलोनी ऐसी नहीं है, जहां रोड और नाली का निर्माण पूरा किया गया हो। पुरानी सभी कॉलोनियों में आधा-अधूरा काम करके पूरा भुगतान किया गया है। गार्डन के लिए छोड़ी गई जमीन पर भी अतिक्रमण हो रहा है। दो मकानों के बीच की गली पर भी कब्जा करके अतिरिक्त कमरे बना लिए गए हैं। हाउसिंग बोर्ड के सब इंजीनियर भी जानकारी होने के बावजूद इसकी रिपोर्ट नहीं करते।






















