छोड़कर सामग्री पर जाएँ

बिना अनुमति संचालित निजी चिकित्सा संस्थानों में स्वास्थ्य विभाग की दबिश, 12 को नोटिस

1724827495 1e38fcc23e64b46bcd3b

रायपुर। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार और मरीजों की सुविधा के लिए बिना किसी वैध अनुमति से संचालित निजी अस्पताल तथा डायग्नोस्टिक सेंटरों पर कार्रवाई के निर्देश स्वास्थ्य विभाग ने दिए हैं। इसी कड़ी में आज बलौदाबाजार जिले के कसडोल विकासखंड के 12 चिकित्सा संस्थानों में नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों के तहत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश कुमार अवस्थी के मार्गदर्शन में टीम ने दबिश देकर निरीक्षण किया साथ ही नोटिस देकर विधिवत अनुमति लेने की अंतिम चेतावनी दी गई है।

सीएमएचओ ने बताया की जिले में इस प्रकार के बिना अनुमति के खोले गए संस्थानों के निरीक्षण हेतु टीम का गठन किया गया है। आज इस टीम द्वारा ही दबिश दी गई। परीक्षण के दौरान इन संस्थानों द्वारा बिना नर्सिंग होम एक्ट में पंजीयन संचालन करना पाया गया है। इसके लिए स्थान पर ही उन्हें नोटिस दिया गया। नोटिस में उल्लेख है की बिना अनुमति संस्था का संचालन करने पर प्रथम बार संचालक पर राज्य उपचर्या गृह तथा रोगोपचार सम्बंधी स्थापनाएँ अनुज्ञापन नियम 2010 के अध्याय एक के नियम 4 के अनुसार 20 हज़ार के जुर्माने का प्रावधान है। जबकि दूसरी बार ऐसा करते पाए जाने पर दोष सिद्ध होने पर 03 वर्ष का कारावास अथवा 50 हज़ार जुर्माना अथवा दोनों के भागी होंगे।

जिन संस्थाओं की जांच की गई उसमें वर्मा पैथोलॉजी कटगी,गायत्री क्लीनिक कटगी, गुप्ता क्लीनिक कटगी, क्योर बे ई क्लीनिक कसडोल,रामगोपाल साहू लैब कसडोल,शर्मा मेटा पैथोलॉजी कसडोल,सिटी डेंटल केयर कसडोल,कबीर पैथोलोजी कसडोल,वासु पैथोलॉजी छांछी, ओम हेल्थ सेंटर छांछी, श्री रत्ना क्लीनिक कसडोल मानस पैथोलॉजी कसडोल शामिल है। सी एम एच ओ के अनुसार आगे भी जिले में यह जांच जारी रहेगी तथा बिना अनुमति संचालित संस्थाओं पर कार्रवाई की जाएगी।

1724827486 4afbaeeb958d575eecb27712598432887851615

इस खबर को शेयर करें:

8690517c9326392a68531b5faf7668b00e00b86685972a50e34c21832c7c1c6c?s=90&d=mm&r=g

Editorial

News Room

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से 1988 से निरंतर प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र 'केलो प्रवाह' का यह Official Digital News Room है। हमारी संपादकीय टीम देश और छत्तीसगढ़ की प्रमुख खबरों, सीएम की गतिविधियों और शासन की जनहितैषी योजनाओं को प्रमुखता से साझा करती है। किसानों के हित में समर्पित हमारी टीम, 'जल, जंगल और जमीन' से जुड़े संवेदनशील मुद्दों और विभिन्न विभागों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाली रिपोर्टिंग के साथ ही सुदूर अंचलों की ज़मीनी हकीकत को सामने लाती है। जनहित से जुड़ी गतिविधियों, खनिज और औद्योगिक क्षेत्रों की 'Exclusive' खबरों को Evidence के साथ प्रमाणिकता से प्रकाशित करना हमारी प्राथमिकता है। राजनीति, प्रशासन, अपराध, स्पोर्ट्स, रोज़गार, खेती-किसानी और धार्मिक विषयों सहित हर क्षेत्र की खबरों को पूरी शुचिता के साथ प्रस्तुत करना ही हमारा संकल्प है।

Share: