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22 लाख के बारदाने चोरी कर बेचे, तीन आरोपियों के विरुद्ध अपराध दर्ज

  • लैलूंगा थाने में सोमवार देर रात हुई एफआईआर, तीन ब्लॉकों के पीडीएस दुकानों से 90 हजार बारदाने गायब

रायगढ़। धान खरीदी के बीच में मार्कफेड के गोदाम से करीब 90 हजार पीडीएस बारदाने चोरी किए जाने की खुलासा हुआ है। सोमवार देर रात लैलूंगा थाने में तीन आरोपियों के विरुद्ध अपराध दर्ज किया गया है। 89341 बारदाने न तो गोदाम में मिले और न ही समितियों में पहुंचे जिनका मूल्य करीब 22.33 लाख रुपए है। राशन दुकानों में जो चावल सप्लाई होता है, उसके खाली बारदाने मार्कफेड धान खरीदी के लिए वापस ले लेता है। राशन दुकानों से पास की समितियों में बारदाने पहुंचाए जाते हैं।मार्कफेड ने घरघोड़ा, लैलूंगा व तमनार की पीडीएस दुकानों से बारदाने उठाकर गोदाम और उपार्जन केंद्र पहुंचाने का ठेका किशन निषाद, विक्की गुप्ता और गोपाल बारिक को दिया था। 11 अप्रैल 2025 को इसका आदेश दिया गया था। घरघोड़ा की राशन दुकानों से 51500, लैलूंगा की दुकानों से 95198 और तमनार की दुकानों से 90475 बारदाने संग्रहण केंद्र पहुंचाए जाने थे।

घरघोड़ा क्षेत्र से एकत्र बारदानों में से 24175 बारदाने गोदाम में दिए गए और बाकी 27325 बोरे जमा ही नहीं किए गए। इसी तरह लैलूंगा और तमनार क्षेत्र से भी करीब 60 हजार बारदाने गायब कर दिए गए। किसान राइस मिल घरघोड़ा गोदाम प्रभारी दिनेश साहू ने बयान दिया कि उठाव किए गए 237173 बारदानों में से किशन निषाद, देवकुमार यादव और शिवकांत तिवारी ने 89341 बारदाने जमा न करके बाजार में बेच दिए। इसका मूल्य करीब 22,33,525 रुपए आंकी गई है। तीनों के विरुद्ध लैलूंगा थाने में बीएनएस की धारा 3(5) और 316(3) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। बारदाना घोटाले में कई और लोगों के संलिप्त होने की संभावना है। आने वाले दिनों में वे सभी भी कार्रवाई की जद में आएंगे जिन्होंने ये बारदाने खरीदे हैं।

किस राइस मिल को बेचे हैं बारदाने
घरघोड़ा के गोदाम में एक साथ 89341 बारदाने गायब होने का मामला सामान्य नहीं है। तीनों आरोपियों में से देवकुमार यादव और शिवकांत तिवारी तो गोदाम के ही कर्मचारी हैं। गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद से दोनों गायब हैं। भौतिक सत्यापन में किशन निषाद के घर से 1650 बारदाने जब्त किए गए। बारदाने किसी राइस मिलर को बेचे जाने की जानकारी मिल रही है। धान की बोगस खरीदी में भी बारदाने उपयोग में लाए गए हैं।

समितियों में चुपचाप खप जाएंगे बारदाने
कुल 89341 बारदाने चुपचाप अवैध रूप से धान खरीदी सिस्टम में पहुंच जाएंगे। अब तक इनमें से हजारों बारदाने समितियों में खपाए जा चुके होंगे। किसानों के रिक्त रकबे पर अवैध धान चढ़ाया गया होगा या फिर बाद में धान लाकर स्टेक करने के लिए रखा गया होगा। अभी भौतिक रूप से धान नहीं आएगा केवल रिकॉर्ड में चढ़ेगा। सोचने की बात है कि इतने बारदानों में 3.57 लाख क्विंटल धान बेचा जा सकता है, जिसका पता लगाना नामुमकिन है।