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Guava Tree Farming: सावन का मौसम है अमरूद लगाने के लिए परफेक्ट – जानिए कैसे उगाएं गमले या छत पर फलदार पेड़

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रायगढ़। सावन का महीना न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से खास होता है, बल्कि इसे पौधारोपण के लिए भी सर्वोत्तम समय माना जाता है। बारिश की नमी मिट्टी को उपजाऊ बनाती है, जिससे पौधे आसानी से जड़ पकड़ लेते हैं। ऐसे में यदि आप घर के बगीचे, आंगन या छत पर कोई फलदार पौधा लगाना चाहते हैं, तो अमरूद का पौधा एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। अमरूद न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि यह विटामिन सी, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। अच्छी बात यह है कि यह पौधा ज्यादा देखरेख नहीं मांगता और दो से तीन वर्षों के भीतर फल देना शुरू कर देता है। यही वजह है कि शहरों में लोग अब गमले में भी अमरूद उगाने लगे हैं।

धूप वाली जगह चुनें
अमरूद का पौधा सीधी धूप में पनपता है। अतः इसके लिए ऐसी जगह चुनें जहां कम से कम छह घंटे सूरज की रोशनी पड़े। छत, बालकनी या बगीचा इसके लिए उपयुक्त हो सकता है।

गड्ढा और मिट्टी की तैयारी जरूरी
बगीचे में लगाने के लिए लगभग दो बाई दो फीट का गड्ढा खोदें। मिट्टी को अच्छी तरह भुरभुरी कर उसमें गोबर की सड़ी खाद, वर्मी कम्पोस्ट या कोकोपीट मिलाएं। यह मिश्रण पौधे की जड़ों को पोषण देने के साथ-साथ मिट्टी को जलनिकासी में मदद करेगा।

गमले में ऐसे लगाएं पौधा
यदि आप गमले में अमरूद लगाना चाहते हैं तो कम से कम 18 से 20 इंच गहरा और चौड़ा गमला लें। ध्यान रहे कि गमले में ड्रेनेज होल्स जरूर हों ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके। मिट्टी के मिश्रण में 50 फीसदी गार्डन सॉयल, 25 फीसदी जैविक खाद और 25 फीसदी रेत या वर्मी कम्पोस्ट मिलाएं। पौधे को लगाकर हल्का पानी दें।

अधिक पानी से करें परहेज
अमरूद के पौधे को आवश्यकता से अधिक पानी देना नुकसानदायक हो सकता है। गर्मियों में सप्ताह में दो से तीन बार और बारिश में जरूरत अनुसार ही पानी दें। ज्यादा नमी से जड़ें सड़ सकती हैं।

खाद और छंटाई भी जरूरी
हर दो माह में जैविक खाद डालें। साथ ही पौधे की नियमित छंटाई करते रहें ताकि वह संतुलित रूप से बढ़े और फलने की क्षमता बढ़े। पौधे को सही दिशा देने के लिए कटाई-छंटाई जरूरी होती है।

फल आने में नहीं लगती ज्यादा देर
अगर देखभाल सही तरीके से की जाए तो अमरूद का पौधा दो से तीन साल में फल देना शुरू कर देता है। खास बात यह है कि एक बार फल देना शुरू करने के बाद यह हर साल भरपूर फल देता है।

लोकप्रिय किस्में भी जानें
बाजार में अमरूद की कई किस्में उपलब्ध हैं, जिनमें लखनऊ-49, इलाहाबादी सफेदा और थाई अमरूद प्रमुख हैं। जल्दी फल पाने के लिए ग्राफ्टेड पौधों या कटिंग से तैयार पौधों को प्राथमिकता दें।

पर्यावरण और परिवार दोनों को मिलेगा लाभ
घर पर अमरूद लगाना केवल एक पौधा लगाना नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण की रक्षा, परिवार के स्वास्थ्य और आत्मसंतोष की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सावन के इस मौसम को खाली न जाने दें। एक पौधा आज जरूर लगाएं, जो कल shade, स्वाद और स्वास्थ्य तीनों देगा।

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