- दिवालिया वीसा पावर की 730 एकड़ जमीन खरीदने के बाद टोरेंट पावर के नए प्लांट का रास्ता साफ
- डोंगीतराई, किरीतमाल, पंडरीपानी, कोड़तराई, चारभाटा, लेबड़ा, डोंगाढकेल, काशीचुआं और साराडीह क्षेत्र में बढ़ेंगी औद्योगिक गतिविधियां
रायगढ़। देवरी और डूमरपाली क्षेत्र में वीसा पावर प्लांट की जगह अब टोरेंट पावर का नया प्लांट लगने का रास्ता साफ हो गया है। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की एक्सपर्ट एप्रेजल कमेटी ने टोरेंट पावर के 1600 मेगावाट पावर प्लांट को टर्म ऑफ रिफ्रेंस जारी करने की अनुशंसा कर दी है। अब पर्यावरणीय अनुमति मिलते ही कंपनी काम शुरू कर सकती है।गुजरात की कंपनियों का छग में निवेश लगातार बढ़ रहा है। दिवालिया हो चुकी वीसा पावर कंपनी की अचल संपत्तियों को गुजरात की ही टोरेंट पावर ने खरीद लिया है।
डूमरपाली और देवरी में प्रस्तावित 1200 मेगावाट पावर प्लांट प्रोजेक्ट बंद हो गया था। काम शुरू तो हुआ था लेकिन वीसा पावर कंपनी दिवालिया हो गई। एनसीएलटी में बैंकों ने केस दायर किया। वन टाइम सेटलमेंट नहीं हुआ तो करीब 730 एकड़ जमीन समेत अन्य संपत्तियां नीलाम की गई। वीसा पावर लिमिटेड ने वर्ष 2005 में छग शासन से एमओयू किया था। भेल, एल एंड टी जैसी कंपनियों को टेंडर दिया गया था लेकिन निर्माण 2014 में बंद हो गया। वीसा पावर ने देवरी और डूमरपाली के 587.745 एकड़ फ्रीहोल्ड निजी भूमि और 99.0274 एकड़ उद्योग विभाग से लीजहोल्ड भूमि की नीलामी की घोषणा की थी।
इसका रिजर्व प्राइस 159 करोड़ रुपए रखा गया था। टोरेंट पावर ने मात्र 310 करोड़ की कीमत पर 686 एकड़ जमीन खरीद ली। इसके अलावा डोंगीतराई, किरीतमाल, पंडरीपानी, कोड़तराई, चारभाटा, लेबड़ा, डोंगाढकेल, काशीचुआं और साराडीह के 39.85 एकड़ कंपनी द्वारा स्वयं क्रय की गई भूमि भी नीलामी में शामिल थी जिसके लिए 1.95 करोड़ रिजर्व प्राइस थी। इन संपत्तियों के अलावा कंपनी की कीमत 71.60 करोड़ तय की गई। टोरेंट पावर ने 310 करोड़ की बोली लगाकर संपत्तियां हासिल कर लीं।
22 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट
रायगढ़ शहर के नजदीक एक और विशाल पावर प्लांट लगने वाला है। 10 जुलाई को ईएसी ने टोरेंट पावर को टीओआर जारी करने की सिफारिश की है। 800-800 मेगावाट के दो यूनिट लगाने में करीब 22 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। 312 हे. भूमि पर प्लांट लगाया जाएगा। अब फॉरेस्ट क्लीयरेंस के लिए प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। प्लांट के दो किमी के दायरे में कई गांव आ रहे हैं।
72 हजार घन मीटर पानी रोज
टोरेंट पावर प्लांट में प्रतिदिन 72,456 घन मीटर पानी खपत होगी। महानदी पर निर्मित साराडीह बैराज से पानी लेने की योजना है। छग सरकार ने भी पानी देने की अनुमति दे दी है। प्रतिवर्ष 8.2 मिलियन टन कोयले की जरूरत होगी जो कमर्शियल माइंस से ली जाएगी। 48 हेक्टेयर का एश डाइक बनाया जाएगा। 74 हेक्टेयर में ग्रीनबेल्ट डेवलप करने की योजना है।






















