सारंगढ़: छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश के बाद गंगरेल बांध के नौ गेट खोल दिए गए हैं, जिससे महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। इस स्थिति के मद्देनजर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने नदी किनारे और बाढ़ संभावित इलाकों पर कड़ी निगरानी रखने के साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए हैं।
प्रशासन की पैनी नज़र और बचाव कार्य की तैयारी
कलेक्टर ने राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, पुलिस, तहसीलदार, जल संसाधन विभाग और मैदानी अमले को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार गश्त और निगरानी करने को कहा है। नदी किनारे बसे गांवों में मुनादी कराई जा रही है ताकि लोग नदी से दूर रहें और किसी भी खतरे से बचें। जिला प्रशासन ने लोगों को नदी और पानी से भरे निचले इलाकों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव के सभी आवश्यक इंतजामों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
कलमा बैराज का बढ़ता जलस्तर: हालात अभी नियंत्रण में
जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले के कलमा बैराज में भी जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। शनिवार शाम 7 बजे बैराज का जलस्तर 193.550 मीटर था, जो रविवार सुबह 7 बजे बढ़कर 194.700 मीटर हो गया है। हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है। सारंगढ़ तहसीलदार एन.के. सिन्हा ने बताया कि सभी संभावित प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सामान्य बनी हुई है। ग्रामीणों से लगातार अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक रूप से नदी किनारे न जाएं और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने सभी अधिकारियों को जलस्तर में होने वाले हर छोटे-बड़े बदलाव की जानकारी नियमित रूप से साझा करने को कहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू करने के लिए सभी संसाधनों को तैयार रखा जाए। जिला प्रशासन ने आम जनता से सतर्क रहने और किसी भी आपातकालीन स्थिति की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को देने की अपील की है।






















