- धर्मादा ट्रस्ट की संपत्तियों का निजी उपयोग, किराए से हर महीने लाखों रुपए की अवैध आय
रायगढ़। सेठ किरोड़ीमल ने रायगढ़ शहर में धर्मार्थ कार्य के लिए निर्माण किए थे। उन्होंने नहीं सोचा होगा कि आगे जाकर उनके नाम को आगे करके लोग इसे लूटेंगे। अब सेठ किरोड़ीमल ट्रस्ट की संपत्ति धर्म के काम में नहीं बल्कि निजी काम में उपयोग हो रही हैं। हैरानी इस बात की है कि ट्रस्ट पर अधिकार होने के बावजूद प्रशासन चुप बैठा है। संपत्तियों का दुरुपयोग होने के मामले में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। इसके बाद भी कोई जांच नहीं। सेठ किरोड़ीमल ट्रस्ट की संपत्तियों पर एकाधिकार करने के लिए लड़ाई थाने तक पहुंच चुकी है। शहर के कई इलाकों में ट्रस्ट की प्रॉपर्टी है। देश में भी कई जगहों पर किरोड़ीमल ट्रस्ट की संपत्तियां हैं जिनसे हो रही आय पर सबकी नजर है। लालच में कुछ लोगों के समूह ने ट्रस्ट की संपत्तियों से अवैध कमाई करते हुए अपनी तिजोरियां भरी।
भिवानी के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने ट्रस्ट अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। देश भर में सेठ किरोड़ीमल धर्मादा ट्रस्ट की बेशकीमती संपत्तियां हैं। इसके ट्रस्टी बनाए जाने की प्रक्रिया को लेकर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं। भिवानी हरियाणा के एक सामाजिक कार्यकर्ता पवन बंसल ने अदालत के आदेश को आधार बनाते हुए छग सरकार से शिकायत की थी। वहां से निर्देश मिलने पर कोतवाली में एफआईआर कराई गई है। शिकायत में उसने कहा था कि भिवानी, हरियाणा में सेठ किरोड़ीमल धर्मादा ट्रस्ट की सम्पत्ति को रमेश कुमार मोडा एवं अन्य ने फर्जी तरीके से ट्रस्टी बनाकर षडयंत्रपूर्वक हस्तानांतरण किया है। उक्त सम्पत्ति से प्राप्त राशि को अपने निजी हित में उपयोग में ला रहे हैं।
इसकी शिकायत पंजीयक लोक न्यास रायगढ़ में भी की गई। आवेदक की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने रमेश कुमार मोड़ा, राजेश मोड़ा, उमा मोड़ा, मनीष सिंघानिया, वंदना सिंघानिया, मयंक मोड़ा एवं अन्य के विरूद्ध अपराध धारा 420, 409, 120 बी भादंवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था। ट्रस्ट की अरबों की सम्पति को अपने व्यक्तिगत हित के लिए इस्तेमाल एवं हस्तांतरण करने बारे अपराधिक मुकदमा दर्ज करके ट्रस्ट पर प्रशासक नियुक्त किए जाने की मांग भी की गई है। इस ट्रस्ट की संपत्तियां रायगढ़, भिवानी (हरियाणा), मथुरा, वृंदावन, केदारनाथ, मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, पुरी में हैं। इस मामले का खुलासा होने के बावजूद क्यों प्रशासन ने ट्रस्ट की जांच नहीं करवाई।
अपने नाम पर ट्रांसफर कर रहे प्रॉपर्टी
आरोप है कि सभी ट्रस्टीज ने अपने व्यक्तिगत हित को ध्यान में रखते हुए संपत्तियों को हस्तांतरित कर लिया। न्यायालय रायगढ़ ने ट्रस्ट की संपत्तियों के हस्तांतरण पर रोक लगाई है। कोर्ट के प्रतिबंध के बावजूद रायगढ़ एवं भिवानी में स्थित संपत्तियां हस्तांतरित हो चुकी हैं। इससे मिले करोड़ों रुपयों को निजी हित में उपयोग किया जा रहा है। वर्ष 2012 में ट्रस्ट का ऑडिट हुआ था जिसमें करोड़ों रुपए के गबन का खुलासा हुआ था। ट्रस्ट की संपत्तियों पर अस्पताल एवं धर्मशाला चलाए जा रहे थे जो अब बंद हो चुके हैं। अध्यक्ष रमेश मोडा पर आरोप थे कि उन्होंने संपत्तियों को हस्तांतरित किया है। ट्रस्ट के पास 5 राइस मिल और 2 तेल मिल थे। इनका अता-पता नहीं है।
ट्रस्ट की धर्मशाला पर भी अपनी जान-पहचान के लोगों से नाजायज कब्जा करवाया है। ट्रस्ट की संपत्ति पर निवास नहीं कर सकते : ट्रस्ट के नियमों के मुताबिक ट्रस्ट का कोई भी ट्रस्टी एवं पदाधिकारी ट्रस्ट की संपत्ति में निवास नहीं कर सकता। यदि करना भी पड़ जाये तो मार्केट रेट के हिसाब से किराया देगा लेकिन रमेश मोड़ा ने अपना निवास ट्रस्ट कार्यालय के ऊपर हजारों वर्गफुट के मकान पर मात्र 300 रुपए मासिक किराया बताकर अवैध कब्जा किया है। जबकि उस भवन का किराया कम से कम दो लाख रुपए मासिक होता है। उपरोक्त कथित ट्रस्टीज जब रायगढ़ से बाहर जाते हैं तो ट्रस्ट के खर्च पर हवाई यात्रा, पांच सितारा होटलों में रहते हैं। भिवानी में स्थित ट्रस्ट की कई दुकानों व मकानों को करोड़ों रुपए की पगड़ी लेकर मामूली किराए पर किराएदारी तब्दील की है।
ट्रस्टी नहीं हैं वंदना सिंघानिया
आवेदन में कहा गया है कि वंदना सिंघानिया ट्रस्ट की वैध ट्रस्टी नहीं हैं। इसके बावजूद भी वंदना सिंघानिया ने अन्य ट्रस्टीज के साथ पावर ऑफ अटॉर्नी अन्य व्यक्ति को देकर संपत्तियों का अंतरण कर लिया है। ट्रस्ट्री की मीटिंग में कोरम के लिए तीन ट्रस्ट्री का होना अनिवार्य है। ट्रस्ट डीड के प्रतिकूल जाकर राजेश मोड़ा और उमा देवी को नए ट्रस्ट्री बनाने का असंवैधानिक प्रस्ताव पारित किया गया। वंदना ने ट्रस्ट की संपत्तियों से निजी लाभ अर्जित किए। नरेश मोड़ा के नाम पर किरोड़ीमल ट्रस्ट के भिवानी शाखा का प्रबंधक बनाने पावर ऑफ अटॉर्नी दी गई। रमेश मोडा के दामाद मनीष सिंघानिया की नियुक्ति भी असंवैधानिक है।






















