- ईटीपी और ईएसपी के डाटा की सीधे मॉनिटरिंग, लिमिट से ज्यादा प्रदूषण दिखने पर अलर्ट
रायगढ़। अब उद्योग संयंत्रों की निगरानी के लिए एक पोर्टल बनाया गया है। प्लांट से निकलने वाले धुएं और गंदे पानी का डाटा सीजी-निगरानी पोर्टल में दिखेगा। तय सीमा का उल्लंघन होते ही अलर्ट आ जाएगा। जैसे ही पोर्टल शुरू किया गया, चार उद्योगों को 30-30 हजार रुपए जुर्माना हो गया। उद्योगों से निकलने वाला दूषित पानी और जहरीला धुआं भी वातावरण को प्रदूषित कर रहा है। इस पर नियंत्रण करने के लिए अब तक शिकायत और मैन्युअली जांच ही की जा रही थी, लेकिन अब निगरानी का डिजिटल तरीका अपनाया जा रहा है। सीईसीबी ने सभी जिलों को सीजी-निगरानी पोर्टल बनाकर सभी संयंत्रों को इससे जोडऩे का आदेश दिया था। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी मानवेन्द्र शेखर पांडेय को इस पोर्टल को जल्द शुरू करने का आदेश दिया है।
पहले चरण में रायगढ़ के 28 संयंत्रों को पोर्टल से जोड़ा गया है। इनके ईटीपी (इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) और ईएसपी (इलेक्ट्रोस्टेटिक प्रेसिपेटर) को निगरानी पोर्टल से जोड़ा गया। एक सप्ताह पहले ही पोर्टल को शुरू किया गया। मात्र एक सप्ताह में चार उद्योगों द्वारा तय सीमा से अधिक प्रदूषित पानी और धुआं छोडऩे का अलर्ट आया। जेएसपी पतरापाली, जेएसडब्ल्यू स्टील नहरपाली, एनआर इस्पात और सुनील इस्पात पर एक-एक दिन के उल्लंघन पर 30-30 हजार रुपए कुल 1.20 लाख का जुर्माना लगाया गया है। जैसे ही तय मापदंड से अधिक प्रदूषण होता है तो प्लांट को भी अलर्ट मैसेज मिलेगा। उनको डेढ़ घंटे का समय होता है जिसमें नियंत्रण करना है।
दूसरे चरण में बाकी 21 को जोड़ेंगे
रायगढ़ जिले में कुल 49 ऐसे संयंत्र हैं जो दायरे में आ रहे हैं। पहले चरण में 28 को जोड़ा जा चुका है। दूसरे चरण में बाकी 21 प्लांट भी पोर्टल से संबद्ध हो जाएंगे। इसके बाद किसी भी प्लांट में स्थापित ईटीपी और ईएसपी से मानकों से अधिक उत्सर्जन पाया गया तो तुरंत कार्रवाई होगी।






















