कृषि डेस्क: किसानों के लिए एक खुशखबरी है। अगर आप कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाने वाली सब्जी की खेती करना चाहते हैं, तो करेले की नई किस्म VNR-28 आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है। इस किस्म की खासियत यह है कि यह महज 50 दिनों में फसल देने लगती है और प्रति एकड़ 35-40 क्विंटल तक उपज मिल सकती है।
VNR-28: करेले की उन्नत किस्म
करेले की VNR-28 किस्म उन किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है जो कम समय में अच्छी कमाई करना चाहते हैं। इस किस्म के फल छोटे, धुरीदार और आकर्षक होते हैं, जिनकी लंबाई लगभग 6.5 से 7.5 सेंटीमीटर और वजन 30-40 ग्राम तक होता है। इसकी शेल्फ लाइफ भी बेहतर होती है, जिससे फल बाजार तक ताजगी के साथ पहुंचते हैं और अच्छा दाम मिल पाता है।
खेती के लिए उपयुक्त मौसम और मिट्टी
VNR-28 किस्म की खेती के लिए रेतीली दोमट या बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है, जिसमें जल निकासी की व्यवस्था अच्छी हो। इसकी बुवाई के लिए तापमान 14 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच होना चाहिए। खेत की गहरी जुताई करने के बाद इसमें अच्छी मात्रा में गोबर की खाद या जैविक खाद मिलाई जाए तो फसल की वृद्धि बेहतर होती है।
खेती की विधि
बुवाई के समय करेले के बीजों को 20-25 सेंटीमीटर की दूरी पर बोना चाहिए। खेत में बांस या तारों का सहारा देकर बेलों को चढ़ाया जाए तो उपज में बढ़ोतरी होती है। शुरुआती 20-25 दिनों में खरपतवार नियंत्रण और सिंचाई पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
पैदावार और मुनाफा
अगर देखभाल सही तरीके से की जाए तो एक एकड़ क्षेत्र में VNR-28 किस्म से 35 से 40 क्विंटल तक उपज प्राप्त हो सकती है। मौजूदा बाजार दर के अनुसार किसान एक सीजन में ही 1.5 से 2 लाख रुपये तक की आमदनी कर सकते हैं।























