छोड़कर सामग्री पर जाएँ

किसान कैलाश ने पथरीली भूमि में G-9 केले की खेती से रचा नवाचार

n6993662181770066882358e494d5662155e4c3280f0f2e0cc4c2e2aaa01a518eba5e821ec4c7ad668bf6aa

छिंदवाड़ा जिले के मोहखेड़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम भुताई के प्रगतिशील किसान श्री कैलाश पवार ने नवाचार के माध्यम से कृषि क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश की है।श्री पवार ने लगभग 18 एकड़ क्षेत्र में केले की उन्नत किस्म जी-9 की खेती कर यह साबित कर दिया है कि कठिन मानी जाने वाली भूमि में भी आधुनिक तकनीक के सहारे बेहतर उत्पादन संभव है। उन्होंने गत वर्ष अप्रैल माह में पुणे से जी-9 किस्म के पौधे मंगवाकर ड्रिप सिंचाई प्रणाली के साथ रोपण किया था, जो मात्र लगभग 11 माह में पूरी तरह तैयार हो गई है। किसान श्री पवार के अनुसार 15 फरवरी के बाद मार्च माह तक पूरी फसल की कटाई हो जाएगी और प्रति एकड़ ढाई से तीन लाख रुपये तक लाभ होने की संभावना है।

फसल की गुणवत्ता को देखते हुए जबलपुर एवं नागपुर के व्यापारियों ने खेत पर पहुंचकर निरीक्षण किया है तथा वे सीधे खेत से ही उपज खरीदने के लिए संपर्क कर रहे हैं। विशेष बात यह है कि यह केला पथरीली एवं मुरम वाली उस भूमि पर उगाया गया है, जहाँ सामान्यतः अन्य फसलें लेना संभव नहीं माना जाता। कृषि विभाग की टीम ने भी खेत पर पहुँचकर इस नवाचार का अवलोकन किया और किसान द्वारा अपनाई गई तकनीकों की सराहना की। उल्लेखनीय है कि श्री कैलाश पवार पूर्व से ही नवाचारी किसान रहे हैं। उन्होंने पिछले वर्ष लगभग 6 एकड़ क्षेत्र में स्ट्रॉबेरी की खेती कर अच्छा लाभ अर्जित किया था।

वर्तमान वर्ष में भी उन्होंने 6 एकड़ में स्ट्रॉबेरी, एक एकड़ में ब्लूबेरी तथा एक एकड़ में गोल्डन बेरी की खेती की है, जिसकी उपज 15 फरवरी के बाद बाजार में आने की संभावना है। श्री कैलाश पवार की यह पहल क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो यह संदेश देती है कि नवाचार, तकनीक और मेहनत के साथ कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाया जा सकता है।

इस खबर को शेयर करें:

8690517c9326392a68531b5faf7668b00e00b86685972a50e34c21832c7c1c6c?s=90&d=mm&r=g

Editorial

News Room

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से 1988 से निरंतर प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र 'केलो प्रवाह' का यह Official Digital News Room है। हमारी संपादकीय टीम देश और छत्तीसगढ़ की प्रमुख खबरों, सीएम की गतिविधियों और शासन की जनहितैषी योजनाओं को प्रमुखता से साझा करती है। किसानों के हित में समर्पित हमारी टीम, 'जल, जंगल और जमीन' से जुड़े संवेदनशील मुद्दों और विभिन्न विभागों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाली रिपोर्टिंग के साथ ही सुदूर अंचलों की ज़मीनी हकीकत को सामने लाती है। जनहित से जुड़ी गतिविधियों, खनिज और औद्योगिक क्षेत्रों की 'Exclusive' खबरों को Evidence के साथ प्रमाणिकता से प्रकाशित करना हमारी प्राथमिकता है। राजनीति, प्रशासन, अपराध, स्पोर्ट्स, रोज़गार, खेती-किसानी और धार्मिक विषयों सहित हर क्षेत्र की खबरों को पूरी शुचिता के साथ प्रस्तुत करना ही हमारा संकल्प है।

Share: