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Home | आठ बार टेंडर के बाद भी नहीं आया कोई ठेकेदार, अधर में लटका गोवर्धनपुर पुल का काम

आठ बार टेंडर के बाद भी नहीं आया कोई ठेकेदार, अधर में लटका गोवर्धनपुर पुल का काम

  • पुल निर्माण के लिए सेतु विभाग ने बनाया है इस्टीमेट, करीब एक एकड़ जमीन का होना है क्रय, नए पुल का भी होना है निर्माण

रायगढ़। गोवर्धनपुर पुल से होकर कोयला, आयरन ओर आदि खनिजों का परिवहन घरघोड़ा की ओर होता था। शहर की ओर गाड़ियां नहीं घुसती थी, लेकिन पुल का स्लैब टूटने के बाद अब यह बंद है। पुल की मरम्मत के लिए राशि मंजूर की गई है। आठ बार टेंडर हो चुका है लेकिन कोई एजेंसी ही नहीं आई। सेतु विभाग ने नए पुल निर्माण के लिए करीब 21 करोड़ की मंजूरी मांगी है। रायगढ़ शहर को भारी वाहनों से बचाने के लिए गोवर्धनपुर पुल होकर अस्थाई बायपास रोड बनाया गया था। हमीरपुर से तमनार जाने वाले ट्रेलर इंदिरा विहार और शालिनी स्कूल तिराहा होकर गोवर्धनपुर पुल की तरह जाते थे। फिर वहां से रामपुर के पास निकलते थे। पुल का स्लैब टूटने के कारण भारी वाहनों का आवागमन बंद है।

इस कारण रात में शहर के अंदर से भारी वाहन गुजर रहे हैं। पीडब्ल्यूडी सेतु विभाग पुल की मरम्मत के लिए 2.89 करोड़ की तकनीकी मंजूरी दी है। आठ बार टेंडर भी जारी किया गया है लेकिन कोई ठेकेदार नहीं आया। मरम्मत का काम थोड़ा कठिन होता है, इसलिए कोई टेंडर नहीं डाल रहा है। अब पुल के जल्द मरम्मत होने की संभावना दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है। सेतु विभाग ने वहीं पर नए पुल के निर्माण के लिए भी प्रस्ताव तैयार किया है। इसका टेंडर हो भी गया तो विभाग के बाकी कामों की तरह यह भी पांच साल से पहले पूरा नहीं होगा।

21 करोड़ की लागत संभावित

गोवर्धनपुर पुल की मरम्मत के लिए तो कोई ठेकेदार नहीं आ रहा है। विभाग ने नए पुल निर्माण के लिए करीब 21 करोड़ का इस्टीमेट बनाया है। शासन ने नया पुल बनाने की मंजूरी दी तो इसका अलग टेंडर लगेगा। तब तक गोवर्धनपुर की तरफ से भारी वाहनों का आवागमन बंद रहेगा। सेतु विभाग में पांच पुराने पुलों का निर्माण भी रुक गया है। रायगढ़ जिले के अलग-अलग हिस्सों पुलों का निर्माण समय पर पूरा ही नहीं हुआ।