- बोरो और छाल रेंज में 25 हाथियों की हलचल, किसानों की धान फसल भी रौंदी; ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग अलर्ट
रायगढ़। जिले में हाथियों की मौजूदगी नई बात नहीं है, लेकिन इस बार उनका बदला हुआ व्यवहार वन विभाग और ग्रामीणों दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है। छाल रेंज के औरानारा स्थित एक राइस मिल में एक हाथी लगातार दूसरी रात पहुंचा। जंगल छोड़कर एक ही जगह बार-बार लौट रहे हाथी ने राइस मिल की बाउंड्रीवाल तोड़ दी और परिसर में रखे धान को खा गया। इससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है और वन विभाग भी हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, औरानारा स्थित राइस मिल में पिछले दो दिनों से एक हाथी लगातार पहुंच रहा है। मंगलवार देर रात भी हाथी ने परिसर में प्रवेश कर बाउंड्रीवाल को क्षतिग्रस्त कर दिया और वहां रखा धान खा गया। बुधवार सुबह वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का जायजा लिया। लगातार दूसरी रात एक ही स्थान पर हाथी के पहुंचने से यह आशंका भी जताई जा रही है कि उसे वहां भोजन आसानी से मिल रहा है, इसलिए वह बार-बार उसी जगह लौट रहा है।
सिर्फ राइस मिल ही नहीं, खेत भी बने निशाना
राइस मिल में पहुंचने वाले हाथी के अलावा जिले के अन्य इलाकों में सक्रिय हाथियों के दल किसानों के लिए भी परेशानी का कारण बने हुए हैं। बोरो रेंज के कमोसिनडांड क्षेत्र में विचरण कर रहे 16 हाथियों के दल ने कई खेतों में घुसकर धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। सुशील खेस, रमेश खेस, बैजनाथ, मानसिंह, सुनाराम बैगा और धरमुराम के खेतों में फसल रौंदे जाने की सूचना के बाद वन विभाग ने नुकसान का आकलन शुरू किया है।
कई रेंज में बढ़ी हाथियों की सक्रियता
वन विभाग के अनुसार, छाल रेंज में 9 हाथी और बोरो रेंज में 16 हाथियों का दल सक्रिय है। इसके अलावा धरमजयगढ़ रेंज के ढालीपारा में कजल विश्वास की धान की फसल को नुकसान पहुंचाया गया। कापू रेंज के अलोला गांव में राधे नाग और भुडुल नाग के शौचालय तथा सोनाजारी गांव के जयमन और बाकारूमा रेंज के जामबीरा निवासी कैलू के शौचालय को भी हाथियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया।
वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी, गांवों में कराई जा रही मुनादी
छाल रेंजर राजेश चौहान ने बताया कि औरानारा स्थित राइस मिल में पिछले दो दिनों से एक हाथी लगातार पहुंच रहा है। हाथी ने वहां रखे धान को खाने के साथ बाउंड्रीवाल को भी नुकसान पहुंचाया है। पूरे क्षेत्र में हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रभावित गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने, रात के समय अकेले खेतों या जंगल की ओर नहीं जाने तथा हाथियों की सूचना तत्काल वन विभाग को देने की अपील की जा रही है।






















