हैदराबाद/रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के तेजतर्रार भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी डॉ. संतोष सिंह अब दिल्ली और हैदराबाद के सुरक्षा गलियारों में अपनी रणनीतिक कुशलता का लोहा मनवाएंगे। अपनी कुशल कार्यशैली और पुलिसिंग में किए गए नवाचारों के लिए मशहूर 2011 बैच के आईपीएस डॉ. संतोष सिंह को केंद्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में उपमहानिरीक्षक (DIG) के पद पर तैनात किया है। इसी क्रम में उन्होंने हैदराबाद मुख्यालय में दक्षिण जोन-2 के उप महानिरीक्षक के रूप में विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनके पदभार संभालने के साथ ही इस महत्वपूर्ण जोन की सुरक्षा व्यवस्था की कमान अब उनके अनुभवी नेतृत्व में संचालित होगी।
डॉ. संतोष सिंह के नेतृत्व वाला यह दक्षिण जोन-2 सामरिक और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। इस जोन का कार्यक्षेत्र भौगोलिक और रणनीतिक रूप से काफी व्यापक है, जिसके अंतर्गत न केवल आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उत्तरी कर्नाटक में स्थित सीआईएसएफ-सुरक्षित इकाइयां आती हैं, बल्कि इसका विस्तार पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुछ बेहद अहम बंदरगाहों तक भी है। इसमें मुख्य रूप से देश की जीवनरेखा मानी जाने वाली खदानें, बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान, सार्वजनिक क्षेत्र के महत्वपूर्ण उपक्रम (PSUs) तथा राष्ट्र के बुनियादी ढांचे से जुड़े अन्य रणनीतिक संस्थान शामिल हैं। सुरक्षा प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यों के अपने व्यापक अनुभव के साथ डॉ. सिंह अब इन संवेदनशील इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेंगे।
छत्तीसगढ़ में विभिन्न चुनौतीपूर्ण जिलों की कप्तानी के दौरान अपनी एक विशेष पहचान बनाने वाले डॉ. संतोष सिंह से अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि उनके मार्गदर्शन में आधुनिक तकनीक और बेहतर रणनीतिक समन्वय के साथ इन प्रतिष्ठानों की सुरक्षा प्रणाली को एक नया आयाम मिलेगा। सीआईएसएफ के इस जोन की भूमिका देश के औद्योगिक और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है, यही कारण है कि केंद्र सरकार द्वारा डॉ. सिंह की इस नियुक्ति को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। उनके आने से न केवल सुरक्षा तंत्र में कसावट आने की संभावना है, बल्कि बल की कार्यक्षमता और तकनीक आधारित निगरानी को भी मजबूती मिलेगी।























