रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियों और मजबूत धान खरीदी व्यवस्था ने प्रदेश के किसानों के जीवन में आर्थिक स्थिरता का नया संचार किया है। शासन द्वारा ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी और समय पर भुगतान से किसानों का खेती के प्रति भरोसा और उत्साह दोनों बढ़ा है। दुर्ग जिले के ग्राम फेकारी के प्रगतिशील किसान युगल किशोर साहू इसकी एक सुखद मिसाल हैं। जहां धान की फसल ने पूरे परिवार के भविष्य को नई दिशा दी है।
साढ़े सात एकड़ की खेती से आर्थिक मजबूती
ग्राम फेकारी निवासी किसान युगल किशोर साहू लगभग साढ़े सात एकड़ भूमि में धान की खेती करते हैं। इस वर्ष शासन द्वारा की गई बेहतर व्यवस्थाओं के चलते उन्होंने अपनी पूरी फसल समर्थन मूल्य पर बेची। सरकार द्वारा निर्धारित बेहतर दर और पारदर्शी भुगतान प्रक्रिया से उन्हें संतोषजनक आय प्राप्त हुई है, जो उनके चेहरे की मुस्कान में साफ झलकती है।
आय से पूरे हो रहे परिवार के सपने
खेती से प्राप्त इस आय ने युगल किशोर के परिवार को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है:
- पक्के मकान का निर्माण: खेती से हुई कमाई का उपयोग वे अपने नए घर के निर्माण कार्य को पूरा करने में कर रहे हैं।
- पारिवारिक जिम्मेदारियां: बच्चों के विवाह और अन्य घरेलू आयोजनों (जैसे छट्ठी) का खर्च अब वे बिना किसी कर्ज के आसानी से वहन कर पा रहे हैं।
- बेहतर जीवनस्तर: आर्थिक मजबूती मिलने से परिवार का भविष्य अब पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और उज्ज्वल है।
खेती में नवाचार: धान के साथ दलहन की जुगलबंदी
युगल किशोर साहू केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने जोखिम कम करने और आय बढ़ाने के लिए फसलों के विविधीकरण को अपनाया है: - वे धान के साथ-साथ चना, मटर और लाखड़ी (तिवड़ा) जैसी दलहन फसलों की भी खेती कर रहे हैं।
इन अतिरिक्त फसलों से उन्हें एक्स्ट्रा आमदनी हो रही है और खेत की मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री की नीतियों के प्रति जताया आभार
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए युगल किशोर ने कहा कि पहले की तुलना में अब धान की कहीं बेहतर कीमत मिल रही है। ₹3100 प्रति क्विंटल की दर ने सीधे तौर पर किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाया है। शासन की इन नीतियों से आज प्रदेश का किसान पहले से कहीं अधिक आत्मनिर्भर और संतुष्ट है।























