- पेट्रोल पंप की शिकायत आने के बाद खाद्य विभाग ने की कार्रवाई
रायगढ़। पेट्रोल पंप संचालकों को बार-बार ताकीद करने के बावजूद अनियमितताएं जारी हैं। पंप में पेट्रोल और डीजल होने के बावजूद आम जनता को वापस किया जा रहा है। सोमवार को खरसिया के वंदना फ्यूल्स में ऐसा ही किया जा रहा था। कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य विभाग ने पंप को सील कर दिया है। पेट्र्रोल पंपों में लिमिट करने की वजह से अब पंप संचालक कमाई का दूसरा रास्ता देख रहे हैं। तेल की कृत्रिम किल्लत पैदा करने की कोशिश की जा रही है। कई पंपों से प्लांटों को आपूर्ति की जा रही है जबकि उनके लिए कंज्यूमर पंप हैं।
खरसिया शहर में एक पंप वंदना फ्यूल्स संचालक किशन अग्रवाल का है। संचालक ने सोमवार को पंप पर पेट्रोल-डीजल नहीं है लिखकर बैनर टांग दिया। जबकि लोगों का कहना था कि पंप में भरपूर मात्रा में तेल है। इस बात की शिकायत कलेक्टर से की गई। यह भी पता चला कि पंप संचालक ने रात में कई लोगों को डीजल बेचा है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने वंदना फ्यूल्स पर जांच कर कार्रवाई करने का आदेश खाद्य विभाग को दिया। अधिकारियों ने पंप पहुंचकर स्टॉक चेक किया।
वहां डीजल 5068 लीटर और पेट्रोल 4573 लीटर भंडारित पाया गया। सीसीटीवी फुटेज की जांच करने पर पता चला कि रविवार रात को पंप से कई लोगों को डीजल बेचा गया है। कुछ प्लांटों को भी यहां से बाउजर में डीजल सप्लाई करने की आशंका जताई गई है। सीसीटीवी की पूरी जांच नहीं हो सकी है। कार्रवाई के दौरान एसडीएम प्रवीण तिवारी और खाद्य निरीक्षक बनमाली यादव उपस्थित रहे।
प्लांटों को बेच रहे डीजल
जिले में कंज्यूमर पंपों को सप्लाई होने वाला डीजल की कीमत करीब 150 रुपए प्रति लीटर हो गई है। इसलिए पंप संचालक इस डीजल को नहीं मंगवा रहे हैं। प्लांटों और ट्रांसपोर्टरों को रिटेल पंप संचालक डीजल की आपूर्ति कर रहे हैं। इसके बदले 115-120 रुपए लिए जा रहे हैं। खरसिया के वंदना फ्यूल्स में भी इसी तरह की गड़बड़ी की गई है। आगे जांच में पता चलेगा। खाद्य अधिकारी चितरंजन सिंह ने बताया कि वंदना फ्यूल्स ने निर्देशों का पालन नहीं किया, इसलिए सील किया गया। आगे जांच की जा रही है।























