जशपुर। जिले के कासाबेल थाने में तैनात एक आरक्षक द्वारा वर्दी की धौंस और झूठी हमदर्दी की आड़ में एक विधवा शिक्षिका को अपनी हवस का शिकार बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी ने न केवल महिला का शारीरिक और मानसिक शोषण किया, बल्कि उसे धोखे से गर्भपात की दवा खिलाई और लाखों रुपयों की ठगी भी की। मामला उजागर होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को निलंबित कर दिया है, लेकिन गिरफ्तारी के डर से आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है।
हमदर्दी से शुरू हुआ धोखे का खेल
जानकारी के अनुसार, साल 2020 में अपने पति को खोने वाली पीड़ित शिक्षिका अपने दो बच्चों की परवरिश अकेले कर रही थी। जनवरी 2023 में सोशल मीडिया (फेसबुक) के जरिए उसकी मुलाकात आरक्षक रुद्रमणि यादव से हुई। आरक्षक ने पहले महिला की पारिवारिक समस्याओं को सुलझाने का झांसा देकर उसका विश्वास जीता और धीरे-धीरे उसे अपने जाल में फंसा लिया।
सुनसान जंगल में किया दुष्कर्म, दो बार कराया एबॉर्शन
पीड़िता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि 28 अप्रैल 2023 को आरोपी उसे बटईकिला क्षेत्र के एक सुनसान जंगल में ले गया, जहां उसने शिक्षिका के साथ पहली बार जबरन दुष्कर्म किया। इसके बाद वह शादी का प्रलोभन देकर लगातार उसका शोषण करता रहा। इस दौरान जब शिक्षिका दो बार गर्भवती हुई, तो आरोपी ने शादी का दबाव कम करने और राज छिपाने के लिए उसे धोखे से दवाइयां खिलाकर उसका गर्भपात करा दिया।
जमीन के नाम पर लाखों की ठगी
आरोपी की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। उसने शिक्षिका और उसके भाई को जमीन दिलाने का वादा कर उनसे करीब 2 लाख रुपये भी वसूल लिए। जब पीड़िता ने अपने पैसे वापस मांगे या शादी की बात की, तो आरोपी उसे पुलिस विभाग में अपने रसूख और प्रभाव की धमकी देकर चुप करा देता था।पुलिस ने पीड़िता के बयान और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी आरक्षक रुद्रमणि यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 376(2)(एन) और एसटी-एससी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। जिले के आला अधिकारियों का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है और फरार आरोपी को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।























