खरसिया। शहर में भीषण गर्मी के बीच तालाबों के सौंदर्यीकरण के नाम पर भरे हुए तालाबों का पानी निकाले जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंताएं तेज हो गई हैं। खरसिया में संभावित जल संकट के अंदेशे को देखते हुए शहर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने इस ज्वलंत मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में स्थिति पर गंभीर चर्चा करते हुए इसे भविष्य के बड़े जल संकट से जोड़कर देखा गया और प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करने की रणनीति तय की गई।
बैठक में उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि गर्मी के इस मौसम में तालाबों का पानी खाली किए जाने से आसपास के नलकूपों और भूजल स्रोतों पर सीधा और प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। लगातार पानी निकाले जाने से क्षेत्र का जलस्तर बहुत तेजी से नीचे जा रहा है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि इसका सीधा असर आने वाले दिनों में शहर की जल आपूर्ति पर पड़ेगा और आम लोगों को पेयजल की भारी किल्लत का सामना करना पड़ेगा।
इस गंभीर विषय पर गहन विचार-विमर्श के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यह निर्णय लिया है कि वे जल्द ही खरसिया नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) और अनुभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) के समक्ष अपनी बात रखेंगे। तय रूपरेखा के अनुसार, अधिकारियों को एक औपचारिक आवेदन देकर इस पूरी जमीनी हकीकत से अवगत कराया जाएगा। इस आवेदन के माध्यम से प्रशासन से यह आग्रह किया जाएगा कि जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए तालाबों से पानी निकालने जैसे निर्णयों पर गंभीरता से पुनर्विचार किया जाए।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज की बैठक में यह भी स्पष्ट किया कि यदि नगर पालिका प्रशासन का रुख इसी प्रकार बना रहा, तो आने वाले समय में खरसिया शहर को एक भयानक जल संकट से बचाना काफी मुश्किल हो जाएगा। फिलहाल, शहर कांग्रेस अब इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर वस्तुस्थिति रखने और ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रही है।


























