- पुराने सदस्यों ने निकाली नई तरकीब, 137 को ही पात्र मानकर बाकी को किया अपात्र, 13 अक्टूबर तक मंगवाई दावा-आपत्ति
रायगढ़। केलो विहार शासकीय कर्मचारी गृह निर्माण समिति को के चुनाव लंबे समय से नहीं हुए हैं। समिति के चुनाव में पुराने सदस्यों ने एकाधिकार करने के लिए अपने हिसाब से नियम बना लिए हैं। बिना आमसभा में 12 बिंदुओं में पात्रता निर्धारण कर लिया जिसमें आधे से अधिक रहवासी अपात्र हो गए हैं। इसे लेकर अब हंगामा मच रहा है क्योंकि निर्वाचन के लिए अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। प्लॉट आवंटन से लेकर आर्थिक अनियमितताओं से घिरे केलो विहार सहकारी समिति में लंबे समय बाद चुनाव कराए जा रहे हैं। इसके लिए उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं ने सूचना जारी की है। मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन सोमवार को किया गया है। 13 अक्टूबर तक दावा आपत्ति मंगवाई गई है। इसके बाद से बवाल मचा हुआ है। कई रहवासियों ने मतदाता सूची का अवलोकन किया है।
केलो विहार और प्राची विहार मिलाकर 798 सदस्यों में से तकरीबन 137 सदस्य ही पात्र बताए गए हैं। पात्रता निर्धारण के लिए लिए जो भी विधिक फार्मूला अपनाया गया, वह बिना किसी को सूचना दिए चुपचाप कर लिया गया। आमसभा भी नहीं करवाई गई। एक साथ 661 सदस्यों को अपात्र कर दिया गया। इस जानकारी से वाकिफ होने के बावजूद उप पंजीयक ने सूचना जारी कर दी। केवल 17.16 प्रश सदस्य ही वोट डाल सकेंगे। इसके बाद चुनाव करवाने के लिए एकतरफा कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई। बताया जा रहा है कि पूर्व में रहे अध्यक्षों के कार्यकाल में कई तरह की अनियमितताएं हुईं। प्लॉट आवंटन में भी नियम विरुद्ध काम हुए हैं, जिसकी जांच लंबित है।
दावा-आपत्ति का निराकरण 14 को
केलो विहार समिति में ज्यादातर रहवासी हिसाब-किताब में पारदर्शिता चाहते हैं। इसलिए चुनाव का विरोध किया जा रहा है। पुराने सदस्यों की मंशा है कि चुनाव करवाकर अपने पक्ष के व्यक्ति को अध्यक्ष व सचिव बना लिया जाए। जबकि ज्यादातर लोग चुनाव ही नहीं चाह रहे हैं। मतदाता सूची में ऐसे लोगों का नाम काट दिया गया है जिनकी मृत्यु हो चुकी है। जबकि उनके वारिसों ने नामांतरण का आवेदन किया है।
होगा हंगामा, विरोध में ज्यादा लोग
केलो विहार समिति अभी शासन की देखरेख में संचालित है। चुनाव की घोषणा के बाद मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया गया है जिसमें करीब 600 लोगों के नाम गायब हैं। जबकि पात्र लोगों में प्राची विहार निवासियों के भी नाम हैं। केलो विहार में जिनके नाम काटे गए हैं, वे लोग खुलकर चुनाव का विरोध कर रहे हैं। इस बात को लेकर हंगामा होना निश्चित है। कुछ ने अदालत की शरण लेने का निर्णय लिया है।


























