रायपुर। दिसंबर की शुरुआत से ही छत्तीसगढ़ में सर्द हवाओं ने ठंड का ऐसा असर दिखाया है, जैसा आमतौर पर महीने के दूसरे पखवाड़े में देखने को मिलता है। राजधानी रायपुर से लेकर उत्तर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में तापमान लगातार गिर रहा है। तेज उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण रात और सुबह के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। उत्तर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री तक लुढ़क गया है, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान माना जा रहा है। वहीं राजधानी रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के कई इलाकों में भी कड़ाके की ठंड का असर साफ महसूस किया जा रहा है। सुबह के समय सड़कों पर छाई धुंध, खेतों व पेड़ों पर जमी ओस और तेज हवा ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है।
किन-किन जिलों में जारी हुआ शीतलहर का अलर्ट
मौसम विभाग ने 12 दिसंबर के लिए राज्य के 13 जिलों को शीतलहर की चपेट में आने की संभावना जताई है। जिन जिलों में अलर्ट जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं – रायगढ़, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर, सरगुजा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, मुंगेली, कबीरधाम, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर और बालोद। इन सभी जिलों में सुबह और देर रात के समय तेज ठंडी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। साथ ही संवेदनशील इलाकों में तापमान सामान्य से नीचे दर्ज हो सकता है।
ठंड से बचने अलाव का सहारा, शहरों में बढ़ी मांग
तेजी से बढ़ रही ठंड ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कई शहरों में सुबह-सुबह सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की मांग बढ़ गई है। जहां नगर निगम का इंतजाम नहीं पहुंचा, वहां स्थानीय लोग खुद ही लकड़ियां जुटाकर अलाव जला रहे हैं। दुकानों के सामने, चौक-चौराहों पर, रिक्शा-स्टैंड और ग्रामीण इलाकों में लोग आग तापते दिखाई दे रहे हैं। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों के लिए यह ठंड और भी चुनौतीपूर्ण बन गई है।
इस साल ठंड क्यों है ज्यादा तेज
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार उत्तर भारत में समय से पहले पड़ी बर्फबारी और बदलती हवाओं के पैटर्न के कारण ठंडी हवा सीधे मध्य भारत तक पहुंच रही है। इसके चलते दिसंबर की शुरुआत से ही प्रदेश में शीतलहर जैसे हालात बन गए हैं। आने वाले दिनों में भी तापमान में और गिरावट होने की संभावना जताई गई है, हालांकि दिन में हल्की धूप लोगों को थोड़ी राहत दे सकती है।
सलाह: संभलकर रहें, स्वास्थ्य पर न पड़ने दें असर
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि सुबह और देर शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचें। गर्म कपड़ों का उपयोग करें और खासकर बच्चों व बुजुर्गों का ध्यान रखें। अत्यधिक ठंड से सर्दी-जुकाम, खांसी, अस्थमा और जोड़ों के दर्द की समस्याएं बढ़ सकती हैं।























