रायगढ़। छग के शहरों अब प्राकृतिक गैस के साथ सीएनजी की भी सप्लाई होगी। शहरी क्षेत्रों को पहले चुना गया है जहां पाइपलाइन बिछाई जाएगी। सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति घरों के साथ उद्योगों को भी की जाएगी। पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भरता ने केंद्र सरकार को नए विकल्प तैयार करने पर मजबूर कर दिया है। वैश्विक परिदृश्य में कुछ भी होता है तो उसका सीधा असर देश पर पड़ रहा है। पिछले दिनों पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की किल्लत ने पूरे देश में आपातकाल जैसी स्थिति ला दी थी।
इसलिए अब रसोई गैस और परिवहन ईंधन के दूसरे विकल्पों पर काम शुरू हो चुका है। गेल ने नागपुर से झारसुगुड़ा तक एलपीजी पाइपलाइन बिछाने का काम हाथ में लिया है। यह पाइपलाइन रायगढ़ जिले से भी गुजर रही है। केंद्र सरकार के आदेश पर राज्य सरकार ने अब गैस वितरण नीति को अधिसूचित किया है। मतलब पानी की तरह घरों में गैस पहुंचाई जाएगी। पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) और कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी)
के रूप में दो विकल्प शहरी क्षेत्रों में दिए जाएंगे। छग के शहरी क्षेत्रों में पहले इसकी सुविधा मिलेगी। घरों में खाना पकाने के लिए स्वच्छ और सुरक्षित ईंधन मिलेगा और सीएनजी के रूप में परिवहन ईंधन का एक और विकल्प मिलेगा। वर्तमान में सभी वाहन पेट्रोल-डीजल या बिजली से ही चल रहे हैं। मेट्रो सिटीज की तर्ज पर रायगढ़ में भी सीएनजी का विकल्प मिलेगा। इसके लिए जगह-जगह सीएनजी स्टेशन भी मिलेंगे।
एजेंसी नहीं हुई है तय
सरकार ने घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपयोग को ध्यान में रखते हुए पाइपलाइन प्रोजेक्ट लागू किया है। छग में शहरी गैस वितरण नीति 2026 की अधिसूचना 5 मई 2026 को प्रकाशित की जा चुकी है। पहले चरण में केवल शहरी क्षेत्रों को लिया जा रहा है। अभी गेल ने केवल मुख्य पाइपलाइन बिछाई है। अब यहां से शहर के अंदर ले जाकर वितरण की पाइपलाइन बिछाने का काम दूसरी एजेंसी करेगी। सीएनजी के लिए अलग पाइपलाइन होगी।
क्या कहते है आयुक्त
शहरी क्षेत्रों में पाइपलाइन से गैस सप्लाई की योजना है। इस पर काम चल रहा है। अभी इसमें समय लगेगा।
– बृजेश सिंह क्षत्रिय, निगम आयुक्त
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से 1988 से निरंतर प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र 'केलो प्रवाह' का यह Official Digital News Room है। हमारी संपादकीय टीम देश और छत्तीसगढ़ की प्रमुख खबरों, सीएम की गतिविधियों और शासन की जनहितैषी योजनाओं को प्रमुखता से साझा करती है। किसानों के हित में समर्पित हमारी टीम, 'जल, जंगल और जमीन' से जुड़े संवेदनशील मुद्दों और विभिन्न विभागों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाली रिपोर्टिंग के साथ ही सुदूर अंचलों की ज़मीनी हकीकत को सामने लाती है। जनहित से जुड़ी गतिविधियों, खनिज और औद्योगिक क्षेत्रों की 'Exclusive' खबरों को Evidence के साथ प्रमाणिकता से प्रकाशित करना हमारी प्राथमिकता है। राजनीति, प्रशासन, अपराध, स्पोर्ट्स, रोज़गार, खेती-किसानी और धार्मिक विषयों सहित हर क्षेत्र की खबरों को पूरी शुचिता के साथ प्रस्तुत करना ही हमारा संकल्प है।