रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चल रहे विवादों के बीच मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने एक महीने का विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। इस अभियान के तहत मतदाता सूची से छूटे हुए पात्र नागरिकों और नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे।
प्रदेश के 90 विधानसभा क्षेत्रों में विभिन्न कारणों से करीब 25 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए थे। इनमें से लगभग 6 लाख मतदाताओं के नाम मृत्यु की वजह से हटाए गए, जबकि करीब 19 लाख मतदाताओं के नाम अन्य कारणों से कट गए थे। अब निर्वाचन आयोग विशेष अभियान के माध्यम से प्रभावित और नए नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने की कवायद कर रहा है।
बीएलओ करेंगे घर-घर संपर्क, 2003 की सूची का प्रमाण जरूरी नहीं
निर्वाचन विभाग की व्यवस्था के अनुसार बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर ऐसे मतदाताओं की पहचान करेंगे जिनके नाम छूट गए हैं। बीएलओ संबंधित परिवारों से संपर्क कर जरूरी जानकारी और दस्तावेज जुटाएंगे। साथ ही जिन पात्र नागरिकों के नाम सूची में नहीं हैं, उन्हें आवेदन की प्रक्रिया समझाई जाएगी।
इस अभियान के तहत एसआईआर में छूटे मतदाताओं को फॉर्म 6 के जरिए आवेदन करना होगा। राहत की बात यह है कि इन्हें 2003 की मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी या प्रमाण नहीं देना होगा। इसके अलावा पहले की तरह फॉर्म के साथ घोषणा पत्र देने की बाध्यता भी नहीं रहेगी। हालांकि मतदाताओं को आधार कार्ड, समग्र आईडी और अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।
नए मतदाताओं और छूटे परिवारों पर रहेगा विशेष फोकस
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अंतिम मतदाता सूची तैयार होने से पहले कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रह जाए। इसके तहत ऐसे परिवारों पर विशेष फोकस रखा जाएगा जिनके सदस्य एसआईआर के दौरान अपना नाम दर्ज नहीं करा सके थे।
इसके साथ ही 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं और पहली बार मतदान करने जा रहे नए मतदाताओं को भी चिन्हित कर जोड़ा जाएगा, जिससे सभी पात्र युवाओं को मताधिकार मिल सके।
ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन की तय प्रक्रिया
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने या संशोधन के लिए निर्वाचन आयोग ने प्रक्रिया स्पष्ट की है। पहली बार नाम जुड़वाने वाले युवा या एसआईआर में छूटे मतदाता फॉर्म 6 के तहत आवेदन कर सकते हैं। वहीं नाम, पता या अन्य विवरण में सुधार के लिए फॉर्म 8 भरना होगा।
पात्र नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के वोटर सर्विस पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया में किसी भी तरह की तकनीकी या अन्य समस्या आने पर वे सीधे अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं।
























