छोड़कर सामग्री पर जाएँ

छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी खत्म, महासमुंद बना नंबर-1 जिला, 10 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा खरीदी — जिलेवार आंकड़े जारी

image editor output image 873766991 1769913833946

रायपुर, 31 जनवरी। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया आज समाप्त हो गई है। बीते करीब दो महीनों से प्रदेशभर में धान खरीदी का काम चल रहा था, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने अपनी उपज सरकारी केंद्रों में बेची। धान खरीदी के दौरान किसानों की भीड़ केंद्रों पर देखने को मिली और कई जगहों पर आखिरी दिन तक टोकन के आधार पर खरीदी होती रही। अब आगे की प्रक्रिया में धान का भंडारण और मिलिंग का काम किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार खरीदी से जुड़ा पूरा ब्यौरा तैयार किया जा रहा है।

इसको लेकर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि धान खरीदी का काम इस बार काफी चुनौती भरा रहा, लेकिन सरकार ने किसानों की सही और वैध उपज की ही खरीदी की है।धान खरीदी पिछले साल के मुकाबले करीब 10 लाख मीट्रिक टन कम रहने पर मंत्री नेताम ने साफ कहा कि इस वर्ष बड़ी मात्रा में अवैध धान की जब्ती की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय अंधाधुंध अवैध धान खरीदी होती थी।

धान खरीदी को लेकर मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि खरीदी का आंकड़ा 150 लाख मीट्रिक टन से भी ज्यादा पहुंच सकता था। लेकिन अवैध धान न खरीदकर सरकार ने पैसा बचाया है। मंत्री नेताम ने कहा कि सरकार के इस फैसले से बिचौलियों को मौका नहीं दिया गया और धान खरीदी पूरी पारदर्शिता के साथ की गई।

महासमुंद में सबसे ज्यादा 10 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में धान खरीदी के अंतिम दिन भी खरीदी कार्य पूरी पारदर्शिता एवं सुव्यवस्थित ढंग से हुआ। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में सतत निगरानी, नियमित निरीक्षण, समन्वय एवं सक्रियता के साथ जिले में धान खरीदी किया गया।

31 जनवरी की स्थिति में महासमुंद जिले में 182 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से एक लाख 48 हजार 418 किसानों से कुल 10 लाख 187 मीट्रिक टन धान की खरीदी किया गया। जो कि प्रदेश में सर्वाधिक है। जिसमें मोटा धान 8 लाख 17 हजार 29 मीट्रिक टन, पतला 32.80 मीट्रिक टन एवं सरना एक लाख 83 हजार 125 मीट्रिक टन शामिल है। अब तक कुल 5 लाख 18 हजार 507 मीट्रिक टन धान का डी.ओ. जारी हो चुका है। हैं। जिसके विरूद्ध जिले में कुल 333 मिलों के माध्यम से 2 लाख 97 हजार 449 मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।

अंबिकापुर में 51 हजार से अधिक किसानों ने समर्थन मूल्य पर किया धान विक्रय
छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार जिले में संचालित धान उपार्जन कार्य सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी के साथ किया गया। जिले में कुल 31,92,337.2 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान किया जा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है।

जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि जिले में इस खरीदी सीजन के दौरान कुल 60,832 किसानों का पंजीयन हुआ है, जिनमें से 51,715 किसानों ने अब तक अपना धान समर्थन मूल्य पर विक्रय किया है।

इन जिलों में भी किसानों ने बेचा धान
अलग-अलग जिलों में इस साल समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी का काम पूरा हो गया है। बेमेतरा जिले में कुल 8 लाख 54 हजार मीट्रिक टन धान खरीदी गई है। बलौदाबाजार जिले में 7 लाख 91 हजार मीट्रिक टन, बालोद में 7 लाख 89 हजार मीट्रिक टन, जबकि बिलासपुर जिले में 6 लाख 75 हजार मीट्रिक टन धान खरीदी गई।

देखें आंकड़े

screenshot 2026 02 01 08 11 44 928 com5095949558996491584

इस खबर को शेयर करें:

8690517c9326392a68531b5faf7668b00e00b86685972a50e34c21832c7c1c6c?s=90&d=mm&r=g

Editorial

News Room

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से 1988 से निरंतर प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र 'केलो प्रवाह' का यह Official Digital News Room है। हमारी संपादकीय टीम देश और छत्तीसगढ़ की प्रमुख खबरों, सीएम की गतिविधियों और शासन की जनहितैषी योजनाओं को प्रमुखता से साझा करती है। किसानों के हित में समर्पित हमारी टीम, 'जल, जंगल और जमीन' से जुड़े संवेदनशील मुद्दों और विभिन्न विभागों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाली रिपोर्टिंग के साथ ही सुदूर अंचलों की ज़मीनी हकीकत को सामने लाती है। जनहित से जुड़ी गतिविधियों, खनिज और औद्योगिक क्षेत्रों की 'Exclusive' खबरों को Evidence के साथ प्रमाणिकता से प्रकाशित करना हमारी प्राथमिकता है। राजनीति, प्रशासन, अपराध, स्पोर्ट्स, रोज़गार, खेती-किसानी और धार्मिक विषयों सहित हर क्षेत्र की खबरों को पूरी शुचिता के साथ प्रस्तुत करना ही हमारा संकल्प है।

Share: