बालोद। गुंडरदेही ब्लॉक के देवगहन गांव निवासी किसान लोकेंद्र कुमार साहू ने भारतीय क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव के जन्मदिन पर उन्हें एक अनूठा उपहार सौंपा है। लोकेंद्र ने अपनी फसल बेचकर जुटाए करीब 2 लाख रुपयों से सूर्यकुमार यादव की 4 क्विंटल वजनी सीमेंट की आदमकद प्रतिमा बनवाई और उसे मालवाहक पिकअप में रखकर 1300 किलोमीटर का सड़क सफर तय कर मुंबई स्थित उनके आवास पहुंचे। लोकेंद्र 13 सितंबर को बालोद से पिकअप लेकर मुंबई के लिए रवाना हुए थे और 14 सितंबर को वहां पहुंचे। मुंबई पहुंचकर दिनभर क्रिकेटर का पता ढूंढने के बाद वे शाम को प्रतिमा लेकर उनके घर के बाहर पहुंचे। करीब दो घंटे बाहर खड़े रहने के बाद सूर्यकुमार यादव को जानकारी मिली तो उन्होंने अपने कर्मचारी के जरिए लोकेंद्र को अंदर बुलवाया।
दो मूर्तिकारों ने तैयार की सीमेंट की विशाल प्रतिमा
लोकेंद्र के मुताबिक, इस 4 क्विंटल वजनी प्रतिमा को बालोद के स्थानीय मूर्तिकार नरेंद्र देवांगन और मध्य प्रदेश के अमरकंटक निवासी जयपाल ठाकुर ने मिलकर तैयार किया है। प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से पिकअप वाहन में रखकर मुंबई ले जाया गया था।प्रतिमा देखकर सूर्यकुमार यादव ने लोकेंद्र की मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा कि इसमें कद, चेहरा और सभी बारीकियां बहुत अच्छी तरह उकेरी गई हैं। बाद में सूर्यकुमार यादव ने इस मुलाकात का वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल इंस्टाग्राम पर भी साझा किया और कहा कि वे जल्द ही छत्तीसगढ़ आएंगे और लोकेंद्र के परिवार से मुलाकात करेंगे।
शहीद परिवारों की मदद से हुए थे प्रभावित
लोकेंद्र ने बताया कि वे सूर्यकुमार यादव के खेल के साथ-साथ उनकी राष्ट्रभक्ति से बेहद प्रभावित हैं। पहलगाम आतंकी हमले के शिकार परिवारों की सहायता के लिए जब सूर्यकुमार यादव ने एशिया कप टूर्नामेंट की अपनी मैच फीस दान करने की घोषणा की थी, तब लोकेंद्र ने अपने खर्च पर क्रिकेटर की प्रतिमा बनवाने का निर्णय लिया था। लोकेंद्र का क्रिकेट से जुड़ाव करीब 25 साल पुराना है। वे खुद कभी भारतीय टीम में खेलने का सपना लेकर मुंबई में ट्रेनिंग करने पहुंचे थे। वे इससे पहले अपने गांव देवगहन में सचिन तेंदुलकर की प्रतिमा भी स्थापित कर चुके हैं।
खेत में लगाई हैं 18 अमर शहीदों की प्रतिमाएं
लोकेंद्र ने अपने निजी खर्च से लगभग 10 लाख रुपये लगाकर अपने खेत में 18 शहीद जवानों की आदमकद प्रतिमाएं स्थापित की हैं। इनमें कारगिल युद्ध, 26/11 मुंबई हमला, पुलवामा, गलवान घाटी और छत्तीसगढ़ के नक्सली हमलों में सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवान शामिल हैं। उनका उद्देश्य नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करना है। लोकेंद्र ने मुंबई में मुलाकात के दौरान सूर्यकुमार यादव को इन प्रतिमाओं की जानकारी दी और गांव आकर उनका लोकार्पण करने का आग्रह किया। लोकेंद्र के अनुसार, क्रिकेटर ने जल्द देवगहन आकर उनके परिजनों से मिलने का भरोसा दिया है।






















