छोड़कर सामग्री पर जाएँ

लौकी की फसल पर फल नहीं लग रहे? जड़ में डालें यह देसी चीज, पूरी बेल लद जाएगी फलों से..

bottlegourd adm 2022 08 27 04 17 32pm

सब्जी की खेती कर रहे किसानों के लिए फसल की भरपूर पैदावार ही सबसे बड़ा मुनाफा तय करती है। लेकिन कई बार खेतों में बोई गई सब्जियां अपेक्षित उपज नहीं देतीं, जिससे किसान आर्थिक नुकसान झेलते हैं। लौकी जैसी सब्जी, जो महज डेढ़ से दो महीने में तैयार हो जाती है, किसानों के लिए विशेष महत्व रखती है। यदि आपके खेत में लौकी की फसल लगी है और पौधों में फल नहीं निकल रहे हैं, तो घर पर तैयार की जाने वाली एक प्राकृतिक खाद आपकी मदद कर सकती है। यह न केवल पौधों को हरा-भरा बनाती है, बल्कि पैदावार भी बढ़ाती है।

प्राकृतिक खाद तैयार करने का तरीका

लौकी की बेहतर उपज के लिए मिट्टी की उर्वरता बढ़ाना जरूरी है। रासायनिक खाद के बजाय आप प्राकृतिक सामग्री का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए:

  • मिट्टी में 30% वर्मी कम्पोस्ट और 30% रेत मिलाएं।
  • इसमें नीम की खली डालें और कोकोपीट या धान की भूसी के साथ अच्छी तरह मिक्स करें।
  • यह मिश्रण पौधों की जड़ों तक पोषण पहुंचाएगा और फसल की पैदावार बढ़ाएगा।

सरसों की खली से उन्नत पैदावार

लौकी में फूल झड़ने की समस्या को कम करने और फसल को बेहतर बनाने के लिए सरसों की खली बहुत असरदार है। इसे 24 घंटे पानी में भिगोकर रखें और पानी को छानकर पौधों में डालें। 10 से 15 दिन के अंतराल पर यह प्रक्रिया दोहराएँ। इससे पौधों में फूल बढ़ेंगे और फल जल्दी लगने लगेंगे।

अन्य ध्यान रखने योग्य बातें

  • पौधों को पर्याप्त धूप मिले। अच्छी धूप से लौकी की ग्रोथ बेहतर होती है और फल अधिक लगते हैं।
  • सिंचाई संतुलित रखें। फूल आने के बाद पानी की मात्रा थोड़ा कम कर दें और केवल मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें।

इन उपायों को अपनाकर किसान अपनी लौकी की फसल को स्वस्थ और हरे-भरे बना सकते हैं और पैदावार को दोगुना कर सकते हैं।

इस खबर को शेयर करें:

8690517c9326392a68531b5faf7668b00e00b86685972a50e34c21832c7c1c6c?s=90&d=mm&r=g

Editorial

News Room

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से 1988 से निरंतर प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र 'केलो प्रवाह' का यह Official Digital News Room है। हमारी संपादकीय टीम देश और छत्तीसगढ़ की प्रमुख खबरों, सीएम की गतिविधियों और शासन की जनहितैषी योजनाओं को प्रमुखता से साझा करती है। किसानों के हित में समर्पित हमारी टीम, 'जल, जंगल और जमीन' से जुड़े संवेदनशील मुद्दों और विभिन्न विभागों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाली रिपोर्टिंग के साथ ही सुदूर अंचलों की ज़मीनी हकीकत को सामने लाती है। जनहित से जुड़ी गतिविधियों, खनिज और औद्योगिक क्षेत्रों की 'Exclusive' खबरों को Evidence के साथ प्रमाणिकता से प्रकाशित करना हमारी प्राथमिकता है। राजनीति, प्रशासन, अपराध, स्पोर्ट्स, रोज़गार, खेती-किसानी और धार्मिक विषयों सहित हर क्षेत्र की खबरों को पूरी शुचिता के साथ प्रस्तुत करना ही हमारा संकल्प है।

Share: