रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष अमित जोगी के एक सोशल मीडिया वीडियो को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर पोस्ट किए गए इस वीडियो के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रायपुर के सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
कथित वोट चोरी के आरोपों के संदर्भ में अमित जोगी ने सोशल मीडिया पर ‘ज्ञानू-जानू विवाह’ नाम से एक वीडियो पोस्ट किया था। इस वीडियो में दो लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुखौटे पहनाकर सांकेतिक शादी और हनीमून के दृश्य में दर्शाया गया था। वीडियो सामने आने के बाद शुरू हुए विवाद और आलोचना के बीच अमित जोगी ने 2 नवंबर को पोस्ट हटाकर माफी मांग ली थी, लेकिन इसके बाद भी भाजपा नेताओं का विरोध जारी रहा।
भाजपा नेताओं की कड़ी आपत्ति और 24 घंटे में कार्रवाई की मांग
भाजपा नेताओं ने इस वीडियो को लेकर कड़ा ऐतराज जताया है। पार्टी विधायक राजेश मूणत ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त का किरदार निभाकर आपत्तिजनक दृश्य दिखाए गए। उन्होंने कहा कि वीडियो की पटकथा लिखने वाले, कैमरामैन और इसमें भूमिका निभाने वाले सभी लोगों के खिलाफ शिकायत की गई है और पुलिस प्रशासन को 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करनी चाहिए।
भाजपा नेता मिंटू बिसेन ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं बल्कि वैचारिक दिवालियापन करार दिया। वहीं, देवा दास चतुर्वेदी और जगजीवन खरे ने आरोप लगाया कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को लेकर ऐसा वीडियो बनाना सस्ती लोकप्रियता हासिल करने और ध्यान भटकाने की राजनीति का हिस्सा है।
दर्ज धाराओं और पुलिस जांच की स्थिति
सामने आई जानकारी के मुताबिक, भाजपा के रायपुर जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 196, 352, 353(2) और 356(2) के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि, प्राथमिकी की आधिकारिक प्रति के आधार पर इन धाराओं और शिकायतकर्ता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
इस मामले में फिलहाल किसी गिरफ्तारी या अदालत की ओर से कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। एफआईआर दर्ज होने के बाद अब मामले की पुलिस जांच पर नजर टिकी है, जिसमें विवादित वीडियो की सामग्री, निर्माण प्रक्रिया और सोशल मीडिया पर उसके प्रसार से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा सकती है।
























