अंबिकापुर। कोतवाली थाना क्षेत्र के रसूलपुर इलाके में पारिवारिक विवाद के चलते एक दामाद ने पांच लाख रुपये की सुपारी देकर अपने एलआईसी एजेंट ससुर की हत्या करवा दी। वारदात को अंजाम देने के लिए झारखंड के पलामू से शूटर बुलाए गए थे। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता दामाद सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, रसूलपुर निवासी 64 वर्षीय बशीरुद्दीन सिद्दीकी उर्फ लज्जू 16 सितंबर की सुबह अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान तीन हमलावर उनके घर में घुसे और उन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बशीरुद्दीन ने बचने का प्रयास किया, लेकिन उन पर चाकू से तीन वार किए गए। परिजनों के शोर मचाने पर हमलावर मौके से फरार हो गए। हमलावरों के पास पिस्टल होने की बात भी सामने आई है, हालांकि गोली चलने की पुष्टि नहीं हुई है।
गंभीर रूप से घायल बशीरुद्दीन को परिजन पहले मिशन अस्पताल ले गए, जहां इलाज न मिलने पर उन्हें फिरदौसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही आईजी दीपक कुमार झा और एसएसपी राजेश अग्रवाल समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया।
किराए के कमरे में रची गई थी हत्या की साजिश
पुलिस पूछताछ में आरोपी दामाद मोहम्मद नाजिम शबा (30), निवासी तकिया ने बताया कि उसने अपने ससुर की हत्या कराने के लिए पांच लाख रुपये की सुपारी तय की थी। इसके लिए झारखंड के चैनपुर (पलामू) से शूटर कंचन कुमार और उसके एक साथी को अंबिकापुर बुलाया गया था।
आरोपियों को तकिया निवासी सहयोगी नेजारूउद्दीन उर्फ गुड्डू (32) के अजिरमा स्थित किराए के कमरे में ठहराया गया, जहां पूरी साजिश रची गई। वारदात के दिन आरोपी एक बाइक पर सवार होकर रसूलपुर पहुंचे थे। पुलिस ने दामाद नाजिम, शूटर कंचन कुमार और सहयोगी नेजारूउद्दीन को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चौथे आरोपी की तलाश जारी है।
तलाक और जेवर वापसी को लेकर चल रहा था विवाद
मृतक की बेटी सादिया शारीन सिद्दीकी ने बताया कि उसकी शादी तीन साल पहले नाजिम से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों में विवाद शुरू हो गया और वे अलग रहने लगे। दोनों पक्षों के बीच कोर्ट में तलाक का केस चल रहा था और मायके पक्ष की ओर से दिए गए सोने-चांदी के जेवर वापस मांगे जा रहे थे। सादिया का आरोप है कि पति पहले भी केस वापस न लेने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दे चुका था।






















