- लैलूंगा तहसील में आवंटित हुआ है कोल ब्लॉक, 732 हेक्टेयर भूमि होगी प्रभावित
रायगढ़। रायगढ़ जिले में कोयला खदानों को लेकर हालात सामान्य नहीं हो सके हैं। सरकार ने फुटहामुड़ा कोल ब्लॉक के लिए प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस जारी कर दिया है ताकि कोयला धारित क्षेत्र का पूर्वेक्षण किया जा सके। फुटहामुड़ा कोल ब्लॉक का आवंटन एलोम सोलर प्रालि को हुआ था। धीरे-धीरे कोयला खदानों के लिए भूमि अधिग्रहण करने दुष्कर होता जा रहा है। स्थानीय लोगों का विरोध मुखर होता जा रहा है। मुआवजा और पुनर्वास के सवालों का साफ और सही जवाब नहीं मिल रहा है। कोल ब्लॉकों की नीलामी का 12 वां राउंड मार्च में हुआ था, जिसमें 25 कोल ब्लॉक सूची में रखे गए थे। साथ ही 11 वें दौर में बचे हुए तीन कोल ब्लॉक्स को दूसरा मौका दिया गया था।
रायगढ़ जिले से फुटहामुड़ा कोल ब्लॉक को नीलाम किया गया था। मांड रायगढ़ कोलफील्ड्स के फुटहामुड़ा कोल ब्लॉक के लिए 13 कंपनियों ने बिडिंग की जिसमें नई दिल्ली की एलोम सोलर प्राइवेट लिमिटेड को सफलता मिली थी। कुछ महीने पहले कोयला मंत्रालय ने एलोम सोलर को वेस्टिंग ऑर्डर जारी कर दिया था। अब कंपनी को 732 हे. में प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस कम माइनिंग लीज स्वीकृत की गई है। दो साल के लिए जारी अनुमति के दौरान कंपनी इस कोल ब्लॉक की औपचारिकताएं पूरी करेगी।
ये क्षेत्र हो रहे हैं प्रभावित
फुटहामुड़ा कोल ब्लॉक के तहत ग्राम फुटहामुड़ा, चिमटापानी और बाम्हनपाली की 162.303 हे. आदिवासी निजी भूमि, 14.400 हे. गैर आदिवासी निजी भूमि, 136.850 हे. शासकीय भूमि, 45.715 हे. राजस्व वन भूमि और 372.908 हे. संरक्षित वन भूमि प्रभावित हो रही है। लैलूंगा और घरघोड़ा तहसील में कोल ब्लॉक फैला हुआ है।























