रायपुर। राजधानी में रात का सन्नाटा अब सुरक्षित नहीं रह गया है। राजधानी से सटे इलाकों में अपराधी इस कदर बेखौफ हैं कि वे सरेराह जान लेने से भी नहीं कतरा रहे। ताजा मामला खरोरा-रायपुर मार्ग पर स्थित ग्राम बरौंडा का है, जहाँ एक युवक की महज इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि उसने लूट का विरोध किया था। घटना बुधवार रात की है जब सिलतरा स्थित आबकारी वेयरहाउस में काम करने वाले 11 दोस्तों की टोली खरोरा के ‘किंग ढाबा एंड रेस्टोरेंट’ में पार्टी करने पहुँची थी। सभी दोस्त हंसी-मजाक के बीच डिनर का लुत्फ उठाने की तैयारी में थे। इसी बीच कोदवा सासा गांव का निवासी शिवकुमार किसी का फोन आने पर बात करने के लिए ढाबे से बाहर निकला और सड़क किनारे खड़ा हो गया। उसे अंदाजा भी नहीं था कि बाहर अंधेरे में उसकी मौत घात लगाए बैठी है।
रात करीब साढ़े ग्यारह बजे जब शिवकुमार फोन पर व्यस्त था, तभी ऑरेंज रंग की केटीएम बाइक पर तीन नकाबपोश युवक वहां पहुंचे। उन्होंने पहले तो बड़े ही सामान्य ढंग से शिवकुमार को रोककर बलौदाबाजार जाने का रास्ता पूछा। जैसे ही शिवकुमार उनकी मदद करने के लिए आगे बढ़ा, बदमाशों ने अपनी नीयत साफ कर दी और उसका मोबाइल छीनने की कोशिश की। शिवकुमार ने अपनी मेहनत की कमाई का फोन बचाने के लिए जैसे ही प्रतिरोध किया, बदमाशों ने क्रूरता की हद पार करते हुए उसके सीने में चाकू उतार दिया। वारदात को अंजाम देकर लुटेरे पलक झपकते ही अपनी तेज रफ्तार बाइक से फरार हो गए। बाहर अचानक मचे शोर और चीख-पुकार को सुनकर जब ढाबे के अंदर मौजूद दोस्त दौड़कर बाहर आए, तो वहां का मंजर देखकर उनकी रूह कांप गई। उनका साथी शिवकुमार खून से लथपथ सड़क पर पड़ा तड़प रहा था।
आनन-फानन में दोस्त उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन घाव इतना गहरा था कि डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। फिलहाल खरोरा थाना पुलिस इस सनसनीखेज मामले की जांच में जुटी है। पुलिस आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है ताकि उस ऑरेंज केटीएम बाइक और नकाबपोश कातिलों का कोई सुराग मिल सके। साथ ही शिवकुमार के साथ आए दोस्तों से भी विस्तृत पूछताछ की जा रही है। यह घटना रायपुर की कानून व्यवस्था पर तो सवाल उठाती ही है, साथ ही हमें भी यह सबक देती है कि रात के अंधेरे में सुनसान जगहों पर अनजान लोगों पर भरोसा करना या अकेले मोबाइल का इस्तेमाल करना भारी पड़ सकता है।


























