छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। शहर के पॉश इलाके सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक 55 वर्षीय शख्स ने 9 साल की मासूम बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया। आरोपी अब्दुल सज्जाद अंसारी, जो इलाके में चूड़ी और चॉकलेट की दुकान चलाता था, उसने मासूम को खाने-पीने की चीजों का लालच देकर जाल में फंसाया और पांच दिनों तक उसके साथ दरिंदगी की। फिलहाल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है, लेकिन इस घटना ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
यह पूरी वारदात 7 से 11 जनवरी के बीच की बताई जा रही है। आरोपी ने बच्ची को न केवल शारीरिक प्रताड़ना दी, बल्कि उसे जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने पर भी मजबूर किया।
मासूम इस खौफ में रही कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो उसकी जान को खतरा हो सकता है। इसी डर के कारण वह कई दिनों तक सब कुछ सहती रही, लेकिन कुदरत को यह अन्याय मंजूर नहीं था और जल्द ही इस हैवानियत का सच सबके सामने आ गया। घटना का खुलासा तब हुआ जब 12 जनवरी को बच्ची असहनीय दर्द के कारण घर में रो रही थी। जब उसकी चाची उसे नहलाने के लिए ले गई, तो बच्ची की शारीरिक स्थिति और उसका रोना देखकर उन्हें शक हुआ। प्यार से पूछने पर मासूम का बांध टूट गया और उसने रोते हुए ‘चूड़ी वाले’ की सारी करतूत बयां कर दी। बच्ची ने बताया कि कैसे वह उसे बहला-फुसलाकर ले जाता था और उसके साथ गलत काम करता था। यह सुनते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई और उन्होंने बिना देर किए पुलिस को सूचना दी।
जैसे ही इस घिनौनी वारदात की खबर इलाके में फैली, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइन थाने का घेराव कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई और उसे फांसी की सजा देने की मांग की। माहौल को बिगड़ता देख पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए आरोपी अब्दुल सज्जाद अंसारी को गिरफ्तार किया। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी करनी पड़ी। सिविल लाइन सीएसपी रमाकांत साहू ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है ताकि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
फिलहाल बच्ची का उपचार कराया गया है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि इस मामले में न्याय प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाएगा।























