गुवाहाटी। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और असम कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल के काफिले पर सोमवार को नागांव में पथराव किया गया। बघेल नागांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ सांसद और असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई भी मौजूद थे। हमले में गाड़ियों के शीशे टूट गए और एआईसीसी सचिव मनोज चौहान समेत कई कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं। दोनों वरिष्ठ नेता सुरक्षित बताए गए हैं।
समागुड़ी में सभा के बाद भड़का तनाव
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना नागांव लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले समागुड़ी के बरमा इलाके में हुई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बाराम बाजार में बीजेपी समर्थक कांग्रेस नेताओं को काले झंडे दिखाने के लिए जमा हुए थे। इसी दौरान जब 30 से 40 कांग्रेस कार्यकर्ता मोटरसाइकिल पर वहां से गुजरे, तो ‘गौरव गोगोई गो बैक’, ‘कांग्रेस गो बैक’ और ‘रकीबुल गो बैक’ के नारे लगाए गए, जिससे इलाके में तनाव फैल गया।
पुलिस के अनुसार, जनसभा खत्म होने के बाद जब कांग्रेस नेताओं का काफिला उसी रास्ते से वापस लौटा, तो संदिग्ध बीजेपी समर्थकों ने उनके वाहनों पर जमकर पथराव कर दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता भी लाठियां लेकर मौके पर पहुंचे, जिससे स्थिति और बिगड़ गई तथा दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर पत्थर फेंके गए।
भूपेश बघेल ने लगाया एसिड फेंकने का आरोप
घटना के बाद भूपेश बघेल ने बीजेपी पर जानलेवा हमले का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कारों पर पत्थरों से हमला हुआ, जिससे वाहन का शीशा टूट गया और भीतर बैठे एआईसीसी सचिव मनोज चौहान और अन्य साथियों को चोटें आईं। बघेल ने यह भी आरोप लगाया कि जिस कार में वह और गौरव गोगोई मौजूद थे, उस पर एसिड तक फेंका गया। उन्होंने कहा कि गनीमत रही कि कार के शीशे बंद थे। पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मोटरसाइकिलों पर काफी दूर तक उनके काफिले का पीछा किया गया और कुछ बाइकों पर बीजेपी के झंडे भी लगे हुए थे।
प्रशासन से शिकायत और चुनाव आयोग पर सवाल
भूपेश बघेल ने बताया कि घटना को लेकर थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। इसके बाद उन्होंने जिले के कलेक्टर और एसपी से भी मुलाकात की। बघेल ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि आचार संहिता लागू होने के बाद कानून-व्यवस्था चुनाव आयोग की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपचुनाव में हार के डर से यह हमला कराया गया है।उल्लेखनीय है कि इससे पहले पंजाब प्रभारी रहने के दौरान भी भूपेश बघेल पर हमले की घटना सामने आई थी।






















