रायगढ़। खरसिया में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण को लेकर खींचतान लंबे समय से चल रही है। यह प्रोजेक्ट जनहित से ज्यादा राजनीतिक हो चुका है। 2023 में टेंडर होने के बाद हाल ही में वर्क ऑर्डर दिया गया है। अब कंपनी के पास डेढ़ साल हैं जिसमें काम पूरा किया जाना है। रायगढ़ जिले में सबसे जरूरी कामों में से एक खरसिया का रेलवे ओवरब्रिज भी है। भारतीय रेलवे मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए जरूरी है कि शहरों के बीच में स्थित रेलवे फाटक बंद हो जाएं और आरओबी का निर्माण हो। आरओबी नहीं बनने की वजह से लोगों को रेल लाइन पार करने के लिए ट्रेन के गुजरने का इंतजार करना पड़ता है। खरसिया में रेलवे फाटक की मांग कई सालों से लोग कर रहे थे। जनवरी 2021 में राज्य सरकार ने इसकी स्वीकृति की घोषणा की थी।
सर्वे के बाद मार्च 2021 में ही प्रपोजल इंजीनियर इन चीफ को भेजा गया था। आरओबी निर्माण में राज्य और केंद्र सरकार बराबर राशि खर्च करेंगे। दो बार इसका टेंडर कैंसल हुआ। तीसरी बार में जयपुर की भारत स्पून पाइप एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी को ठेका मिला। दूसरी निविदा 17 अगस्त 2023 को हुई थी। इससे पहले 14 सितंबर 2022 को आरओबी के लिए भूमिपूजन भी किया जा चुका था। आरओबी के लिए 64.95 करोड़ मंजूर किए गए थे। ठेका कंपनी ने बिलो रेट पर करीब 59 करोड़ में टेंडर हासिल किया है। 2023 के बाद करीब डेढ़ साल तक मामला लटका रहा। हाल ही में इसका एग्रीमेंट हुआ। ठेका कंपनी को 3 जून 2027 तक काम पूरा करना है। आरओबी निर्माण के लिए अभी बोरिंग कार्य किया जा रहा है।
देर से काम करने का नुकसान सिर्फ जनता को
खरसिया में रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम के कारण केवल जनता को ही खामियाजा भुगतना पड़ा है। देर से टेंडर होने के बावजूद समय पर काम शुरू नहीं हो सका। अभी भी संदेह है कि ठेका कंपनी समय पर काम पूरा कर पाएगी या नहीं। 2028 में राज्य में विधानसभा चुनाव हैं। इसके ठीक पहले आरओबी का काम पूरा होगा।























