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फरवरी से नहीं हुई डीएमएफ शासी परिषद की बैठक

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  • इस वित्तीय वर्ष में नहीं हो सकी है एक भी बैठक, नए नियमों के तहत होगी गाइडलाइन

रायगढ़। नई सरकार बने आठ महीने हो चुके हैं, वित्तीय वर्ष के भी चार महीने गुजर चुके हैं लेकिन डीएमएफ शासी परिषद की एक भी बैठक नहीं हुई। नए नियमों के तहत अब कार्य स्वीकृति होनी है लेकिन डीएमएफ शाखा से इसकी तैयारी ही नहीं की जा सकी है। पिछली बैठक 15 फरवरी 2024 को हुई थी। रायगढ़ जैसे खनिज प्रधान जिले में डीएमएफ एक महत्त्वपूर्ण फंड है, जिसके जरिए कई अहम काम पूरे होते हैं। खनन प्रभावित क्षेत्रों की तकदीर इससे बदल सकती है बशर्ते समय पर कार्य स्वीकृति हो। केंद्र सरकार ने डीएमएफ में मनमानी रोकने के लिए गाइडलाइन में कई बदलाव किए हैं।

निर्माण कार्यों का अनुपात कम किया गया है। प्रत्यक्ष प्रभावितों की परिभाषा स्पष्ट की है। दूसरे जिलों को राशि ट्रांसफर पर रोक लगाई गई है। डीएमएफ से खनन प्रभावित क्षेत्रों में काम तभी होंगे जब शासी परिषद की बैठक में प्रस्तावों को स्वीकृति मिले। रायगढ़ जिले में वित्तीय वर्ष 24-25 के चार महीने गुजर चुके हैं लेकिन एक भी बैठक नहीं हो सकी है। नई सरकार के आठ महीने में रायगढ़ जिले में केवल एक ही बार 15 फरवरी 2024 को बैठक बुलाई गई थी। इसमें भी कुछ खास नहीं हुआ। पुराने अप्रारंभ कामों को निरस्त किया गया था। अधूरे कामों को जल्द पूरा करने और जांच करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद से कोई मीटिंग नहीं बुलाई गई।

15 किमी के अंदर प्रत्यक्ष प्रभावित

नई गाइडलाइन के अनुसार खदान के 15 किमी दायरे में आने वाला क्षेत्र ही प्रत्यक्ष प्रभावित कहलाएगा। इन क्षेत्रों में ही ज्यादातर राशि खर्च करनी पड़ेगी। 21 किमी के बाहर अप्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र माना जाएगा। नए नियमों में परोक्ष प्रभावित क्षेत्र में कम खर्च करने के निर्देश हैं। रायगढ़ जिले में गांवों की जानकारी जुटाई जा रही है। डीएमएफ शाखा से यह काम हो रहा है लेकिन इसके पूरा होने में समय लग रहा है।

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