- अब भी कई सरकारी कर्मचारी पात्र सूची में शामिल, वेरीफिकेशन नहीं होने से योजना की शर्तों का पालन नहीं
रायगढ़। महतारी वंदन योजना को शुरू हुए पांच महीने हो गए हैं। अब तक पांच किश्तें मिल चुकी हैं। तकरीबन सभी जिलों में अपात्रों के पंजीयन कराने की जानकारी भी सामने आ रही है, लेकिन वेरीफिकेशन नहीं होने के कारण अब भी इनकी छंटनी नहीं हो सकी है। इन चार महीनों में रायगढ़ जिले में 2600 अपात्र हुए हैं। विधानसभा चुनाव में गेम चेंजर साबित हो चुकी महतारी वंदन योजना में जारी शर्तों का ही पालन नहीं हो रहा है। प्रारंभ में जल्दबाजी में सभी महिलाओं का पंजीयन करवा लिया गया था।
शर्तों के मुताबिक जिनके परिवार में कोई आयकरदाता हो, कोई सरकारी नौकरी वाला हो, पूर्व सांसद, विधायक, निगम, मंडल अध्यक्ष हो, उसको महतारी वंदन योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इन शर्तों का पालन करने के लिए पंजीयन के बाद सबका वेरीफिकेशन होना था। महिला एवं बाल विकास विभाग ने अपने मितानिनों के जरिए महिलाओं का पंजीयन किया था। अभी तक कोई वेरीफिकेशन नहीं किया जा सका है। यही वजह है कि हर महीने कुछ महिलाएं अपात्र होती जा रही हैं। मतलब उन महिलाओं को पूर्व के महीनों में योजना की किश्तें मिल चुकी हैं।
अब तक पांच किश्तें मिल चुकी हैं। इसमें सरकारी आंकड़ों के हिसाब से 1131 महिलाएं अपात्र हो चुकी हैं। जबकि जिले में 3, 07, 521 महिलाओं ने पंजीयन करवाया था। 1 जून 2024 को इनमें से 3, 04, 858 को ही भुगतान हुआ है। हकीकत यह है कि करीब 2663 महिलाएं अपात्र हो गई हैं। अब भी अपात्रों की बड़ी संख्या है जिनमें सबसे ज्यादा सरकारी कर्मचारी ही हैं। हैरानी की बात यह है कि 518 मृत भी हैं। सवाल यह है कि क्या मृत महिलाओं के नाम पर भी राशि भुगतान हुआ है।
540 ऐसे जिनके रिकॉर्ड में दिक्कत
योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं का आधार नंबर, बैंक एकाउंट और मोबाइल नंबर लिंक्ड होने चाहिए। साथ ही शपथ पत्र भी भरकर जमा करना है। मजे की बात यह है कि 540 महिलाएं ऐसी हैं जिनको भुगतान करने पर ट्रांजेक्शन फेल हो रहा है। इनके खाते अस्तित्व में नहीं हैं, आधार नंबर लिंक नहीं है, खाता निष्क्रिय है, एकाउंट नंबर गलत है, नाम मिलान नहीं हो रहा है या खाता बंद हो चुका है।





















