- शुभम राईस मिल और गणेश प्रोसेसिंग यूनिट में पड़ा था छापा
रायगढ़। 50-60 क्विंटल धान जब्ती की कार्रवाई को सुर्खियों में लाने वाले विभाग बड़ी कार्रवाई को दबा देते हैं। जांच टीम ने दो राइस मिलों से करीब 25 हजार क्विंटल धान जब्त किया है। सवाल यह है कि इतना उठाव मिलर ने नहीं किया था तो फिर धान कहां से आया। अब इस धान के रिसायकल होने की संभावना बढ़ गई है। इस बार अवैध धान पर कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जांच टीम माथा देखकर तिलक लगाने का काम कर रही हैं। मंडी विभाग की टीम कभी-कभार ही बड़े कारोबारियों पर कार्रवाई करती है, लेकिन इसका खुलासा नहीं किया जाता। पुसौर के दो राईस मिलों से करीब 25 हजार क्विंटल धान जब्त किया गया है। एक कार्रवाई शुभ राइस इंडस्ट्रीज संचालक शुभम अग्रवाल सुर्री में की गई। यहां से 12,040 क्विं. धान जब्त किया गया है।





धान का डीओ इतना नहीं दिया गया था जितना धान जमा मिला। सवाल यह है कि इतना धान कहां से लाया गया। चावल की जांच नहीं की गई। इसके अलावा कुंजेडबरी पुसौर के गणेश प्रोसेसिंग यूनिट संचालक प्रमोद पटेल में भी जांच की गई। यहां पर जांच टीम को 13,761 क्विं. धान मिला जिसे जब्त किया गया है। दोनों जगहों पर धान के संबंध में कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। दोनों राइस मिलों का नाम धान की रिसायक्लिंग के अलावा पीडीएस चावल के लिए भी जाना जाता है। जब्त धान के स्रोत की कोई जानकारी प्रशासन को नहीं मिली। ओडिशा से भी धान लाकर रखे जाने का संदेह है। बाद में यही धान समितियों में खपाया जाएगा। रोड पर पकड़े जा रहे अवैध धान से ज्यादा मात्रा तो मिलों और गोदामों में डंप है।





एक ही परिसर में दो मिलें
कुंजेडबरी में गणेश प्रोसेसिंग यूनिट बाद में लगाई गई मिल है। पहले से उसी परिसर में प्रमोद मिनी राइस मिल स्थापित है। एक ही परिसर में दो मिलों के लिए अलग-अलग विद्युत कनेक्शन दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि मिलों में पीडीएस चावल की जांच नहीं की गई। अभी तक जिले में 65 हजार क्विंटल धान जब्त किया गया है लेकिन यह टैक्स वसूलने के बाद वापस भी कर दिया गया।
















