- जिला पंचायत ने बंद की फाइल, 2016 से 2023 के बीच मिली थी मंजूरी
रायगढ़। प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीब परिवारों को पक्का मकान मिला है। सरकार करीब डेढ़ लाख रुपए की आर्थिक सहायता दे रही है। इसके बीच करीब 11 सौ आवास ऐसे हैं जो कभी पूरे नहीं होंगे। इन आवासों के लिए खर्च की गई करोड़ों की राशि बेकार हो गई। वर्ष 2016 से 2023 के बीच सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत रायगढ़ जिले में 57793 आवासों को मंजूरी दी गई थी। इसमें से 55863 आवास पूरे हो चुके हैं जबकि 1930 आवास अधूरे पड़े हैं। इनको पूरा करने में जिला पंचायत की ओर से प्रयास किए गए लेकिन वो काम नहीं आया।





1930 अपूर्ण आवासों में से 1101 ऐसे हैं जो कभी भी पूरे नहीं हो सकते। इन हितग्राहियों को करोड़ों रुपए दिए जा चुके हैं। यह राशि भी व्यर्थ हो गई। निर्माण के दौरान निरीक्षण में खामियां रहीं। जनपदों से सही रिपोर्ट नहीं दी गई। बाद में डिजिटल मॉनिटरिंग बढ़ी तो पता चला कि आवास का निर्माण बंद हो चुका है। इसके बाद 24-25 में 60655 आवासों का टारगेट था जिसमें से 53132 को स्वीकृति दी गई है। करीब 20 हजार आवास पूरे हो चुके हैं। वहींं 25-26 में 10428 लक्ष्य की तुलना में 9591 को मंजूरी दी गई है।





साढ़े छह हजार हितग्राही अपात्र
पीएम आवास योजना के तहत मंजूरी मिलने के बाद सूची का परीक्षण किया गया। वर्ष 24-25 में 6205 हितग्राही अपात्र हो गए हैं। कई कारणों से इनको आवास का लाभ नहीं दिया जा सकता। इसी तरह 25-26 में 421 हितग्राही अपात्र हो गए हैं। इनकी जगह दूसरे हितग्राहियों को लाभ दिया जाएगा।
















