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सेवा की कहानी: एक डबरी ने खोले आय के कई रास्ते, मान सिंह ने खेती के साथ मछली पालन को बनाया आजीविका का आधार

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  • सिंचाई की सुविधा मिली तो बढ़ा खेती का दायरा, खीरे की बिक्री से मिले करीब 30 हजार रुपये
  • टमाटर, खीरा, गोभी और सरसों की खेती के बाद अब मटर की तैयारी, डबरी में मछली पालन से अतिरिक्त आय की राह

रायपुर, 26 सितम्बर 2026। खेत के पास बनी एक छोटी सी डबरी ने सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड की ग्राम पंचायत बिरिमकेला निवासी मान सिंह के लिए आजीविका के कई रास्ते खोल दिए हैं। ग्रामीण रोजगार योजना के तहत निर्मित डबरी में संचित पानी से अब वे अलग-अलग फसलों की सिंचाई कर रहे हैं। इसी डबरी में मछली पालन शुरू कर उन्होंने अतिरिक्त आय का साधन भी तैयार किया है। पानी की उपलब्धता से खेती का दायरा बढ़ा है और खीरे की फसल की बिक्री से ही उन्हें करीब 30 हजार रुपये मिले हैं।

डबरी में संचित पानी से बढ़ा खेती का दायरा

मान सिंह बताते हैं कि डबरी उनके पिता प्रेम सिंह के नाम से बनी है। डबरी बनने के बाद खेत के पास ही सिंचाई के लिए पानी का स्थानीय स्रोत उपलब्ध हो गया। इस पानी का उपयोग कर उन्होंने टमाटर, खीरा, गोभी और सरसों जैसी फसलों की खेती की। सिंचाई की सुविधा मिलने से अब वे एक फसल तक सीमित रहने के बजाय मौसम के अनुसार अलग-अलग सब्जियों और फसलों का उत्पादन कर पा रहे हैं। खीरे की फसल की बिक्री से उन्हें करीब 30 हजार रुपये प्राप्त हुए। अब वे अगली फसल के रूप में मटर और गोभी लगाने की तैयारी कर रहे हैं।

खेती के साथ मछली पालन से आय का दूसरा जरिया

मान सिंह ने डबरी का उपयोग केवल खेतों की सिंचाई तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने इसमें मछली पालन भी शुरू किया है। इस तरह एक ही परिसंपत्ति खेतों के लिए पानी उपलब्ध कराने के साथ मत्स्य पालन के माध्यम से अतिरिक्त आय की संभावना भी तैयार कर रही है। मान सिंह बताते हैं कि डबरी से उन्हें काफी लाभ मिल रहा है। खेतों के लिए पानी उपलब्ध होने से खेती आसान हुई है और अलग-अलग फसलें लेने का अवसर मिला है। मछली पालन से भी अतिरिक्त आमदनी की संभावना बढ़ी है।

जल संरक्षण से आजीविका को मिला विस्तार

डबरी में वर्षा जल का संचय होने से मान सिंह को खेती के लिए स्थानीय स्तर पर पानी उपलब्ध हो रहा है। इसी पानी का उपयोग सब्जी उत्पादन और मछली पालन में कर वे गांव में ही अपनी आजीविका को विस्तार दे रहे हैं। खेती से रोजगार और आमदनी मिलने से परिवार को आर्थिक संबल भी मिल रहा है। योजना से मिले लाभ के लिए मान सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। सेवा संकल्प अभियान के तहत मान सिंह की यह ‘सेवा की कहानी’ बताती है कि जल संरक्षण से तैयार एक छोटी परिसंपत्ति भी ग्रामीण परिवार की आजीविका में बड़ा बदलाव ला सकती है। सिंचाई, सब्जी उत्पादन और मछली पालन को एक साथ जोड़कर डबरी उनके लिए आय के कई अवसरों का आधार बन गई है।

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