रायगढ़ (केलो प्रवाह)। इस बार धान खरीदी में तकनीकी रूप से कई बदलाव किए गए हैं। साथ ही एक अहम घोषणा की गई है जिसको लेकर प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस बार धान खरीदी 15 जनवरी 2027 तक ही होगी। मतलब ढाई महीने के बजाय दो महीने ही खरीदी की जाएगी। प्रदेश में हर साल धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होकर अगले साल 31 जनवरी तक होती थी। कुल ढाई महीने की अवधि में धान का उपार्जन किया जाता रहा ताकि सभी किसानों को पर्याप्त समय मिल सके। समितियों में भीड़ न हो, इसलिए भी लंबी अवधि रखी गई थी। अब इसमें बड़ा बदलाव किया गया है। इस वर्ष की धान खरीदी 15 नवंबर से ही शुरू होगी।
लेकिन अंत 31 जनवरी 2027 को नहीं होगा, बल्कि 15 दिन पहले ही बंद कर दिया जाएगा। शासन ने धान उपार्जन के लिए जारी नीति में कहा है कि इस बार 15 जनवरी 2027 तक ही धान खरीदी होगी। 15 दिनों की कटौती की जाएगी। किसानों को खासी मशक्कत करनी पड़ेगी। खासकर बड़े किसानों को सबसे ज्यादा समस्या होगी। पहले छोटे किसानों को धान बेचने के लिए भरपूर समय दिया जाता है। बाद में केवल बड़े किसान ही शेष बचते हैं। अब समय कम होने की वजह से बड़े किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
टोकन की व्यवस्था भी सख्त
शासन ने दो एकड़ से कम भूमि पर एक टोकन, 2 से 10 एकड़ तक दो टोकन और उससे अधिक भूमि पर तीन टोकन अधिकतम देने का प्रावधान किया है। ऑनलाइन टोकन 70 प्रश तक काटे जाएंगे। बायोमीट्रिक आधारित व्यवस्था से ही खरीदी की जाएगी। पंजीकृत किसान के नाम पर कोई अन्य व्यक्ति धान नहीं बेच सकेगा।
























