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एफसीआई के मंडल कार्यालय तक पहुंची एफसीआई की कहानी

डिपो मैनेजर और कांटा प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई का मांगा ब्यौरा, परिवहन विभाग भी एफसीआई के अधिकारियों पर कार्रवाई में जुटा

खरसिया और रानीसागर डिपो में मैनेजर, इंचार्ज और कांटा प्रभारी की मिलीभगत से कई तरह के फर्जीवाड़े को दिया जा रहा अंजाम

रायगढ़, 12 जनवरी। एफसीआई के खरसिया और रानीसागर डिपो में मैनेजर, इंचार्ज और कांटा प्रभारी की मिलीभगत से कई तरह के फर्जीवाड़े को अंजाम दिया जा रहा है। एक ही नंबर की दो गाड़ियों वाले मामले में भारतीय खाद्य निगम के बिलासपुर मंडल कार्यालय ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। परिवहन विभाग भी अब एफसीआई के जिम्मेदार अधिकारियों पर शिकंजा कसने जा रहा है।

एफसीआई गोदाम से रैक प्वाइंट तक चावल पहुंचाने का ठेका विकी भाटिया और संतोष अग्रवाल नैला को मिला है। दोनों ही यहां के मुख्य ठेकेदार हैं। इन्हीं के कहने पर गाडिय़ां लगाई जाती हैं। करीब सात महीने पहले एफसीआई गोदाम में एक ही नंबर की दो गाडिय़ां लगा दी गई थी। यही नहीं एफसीआई के कांटा प्रभारी चंदन कुमार ने दोनों गाडिय़ों को रवाना भी कर दिया। दोनों गाड़ियों का नंबर सीजी 13 एएन 9047 था। एक ही नंबर की दो गाडिय़ों के एक साथ दो गोदामों में एंट्री से एफसीआई में हलचल मच गई।

डिपो मैनेजर के साथ इंचार्ज रितुराज और चंदन कुमार भी हरकत में आ गए। दोनों ने ठेकेदार पर कार्रवाई के बजाय मामले को दबा दिया। मामले की जानकारी एफसीआई के मंडल कार्यालय बिलासपुर भी भेजा गया। ठेकेदार से बातचीत करके मामला रफा-दफा कर दिया गया था, लेकिन अब मुख्यालय में भी जवाब-तलब होने से एफसीआाई के अफसरों की सांस अटक गई है। मंडल कार्यालय ने परिवहन विभाग को भी पत्र लिखकर कार्रवाई की जानकारी मांगी है।

परिवहन विभाग भेज रहा जानकारी

सूत्रों के मुताबिक परिवहन विभाग ने इस मामले की जांच कर रिपोर्ट एफसीआई के अलावा पुलिस को भेजने का फैसला किया है। गाड़ी जिसके नाम पर थी उस फायनेंस कंपनी पर भी कार्रवाई होने वाली है। संतोष और भाटिया दोनों परिवहन ठेकेदारों पर पुलिसिया कार्रवाई भी की जा सकती है। मंडल कार्यालय से भी कार्रवाई हो सकती है।