रायगढ़। रायगढ़ जिले में उद्योगों के विस्तार, नए खदानों की शुरुआत के लिए जनसुनवाईयों का दौर चल रहा है। एक तारीख मिलती है तो स्थगित हो जाती है। अब एनटीपीसी लारा की दो जून को प्रस्तावित जनसुनवाई स्थगित हो गई है। वहीं एसईसीएल की पेलमा ओपन कास्ट माइंस को 8 जून की नई तारीख मिली है। एनटीपीसी लारा के तीसरे चरण के दो यूनिट की स्थापना के लिए जनसुनवाई आगामी दो जून को महलोई में होनी थी। पहले चरण में निर्मित दो यूनिटों से 1600 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। दूसरे चरण में 800-800 मेगावाट की दो यूनिटों का निर्माण चल रहा है, जिसके बाद क्षमता 3200 मेगावाट हो
जाएगी। दूसरे चरण का काम 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है। तीसरे चरण में भी इतनी ही क्षमता के दो यूनिट लगाने के लिए जनसुनवाई कराई जा रही थी। तीसरे चरण में करीब 227 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जानी है, जिसमें 212 हे. निजी, दो हे. सरकारी और 12 हे. वन भूमि है। लेकिन छग पर्यावरण संरक्षण मंडल ने इस जनसुनवाई को स्थगित कर दिया है। अपर कलेक्टर ने 18 मई को इस जनसुनवाई को भी स्थगित करने का अनुरोध सीईसीबी से किया था। गुरुवार को सदस्य सचिव ने आदेश देते हुए एनटीपीसी की जनसुनवाई को स्थगित कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस
प्रोजेक्ट का विरोध बड़े पैमाने पर होने की संभावना थी। वहीं सोमवार को एसईसीएल की पेलमा ओन कास्ट माइंस की जनसुनवाई स्थगित की गई थी। इसकी नई तारीख का ऐलान कर दिया गया है। सीईसीबी ने 8 जून को पेलमा माइंस के लिए जनसुनवाई तय की है। एसईसीएल की इस खुली खदान से 15 मिलियन टन प्रति वर्ष कोयला निकालने का टारगेट है। यह प्रोजेक्ट है करीब 2077 हेक्टेयर में फैलेगा। इस खदान से पेलमा, उरबा, मडुवाडूमर, लालपुर, हिंझर, जरहीडिह, खर्रा, सक्ता और मिलूपारा गांव प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने पूर्व में सभी गांवों में एकसमान मुआवजा दर लागू करने की मांग की थी।
कई प्रोजेक्ट हैं कतार में
अभी जिले में कई कोल ब्लॉक और संयंत्रों की जनसुनवाई होनी है। बिजारी, पोरडा चिमटापानी, छाल, वेस्ट ऑफ बायसी, फुटहामुड़ा, शेरबन आदि कोल ब्लॉक कतार में हैं। वहीं कुछ नए स्टील प्लांट भी स्थापित होंगे। सैकड़ों एकड़ जंगल भी काटे जाएंगे।























