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कब तक देश की सत्ता पर राज करेगी बीजेपी और कांग्रेस कब करेंगी वापसी? जानिए मशहूर सर्वे एजेंसी ‘एक्सिस माय इंडिया’ की बड़ी भविष्यवाणी!

Filephoto

केलो प्रवाह डेस्क। देश के राजनीतिक गलियारों में इस समय भारतीय जनता पार्टी के रसूख की सबसे ज्यादा चर्चा है। मौजूदा समय में भारत के बाईस राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भाजपा या उसके सहयोगी दलों की सरकारें मजबूती से काम कर रही हैं। हाल ही में संपन्न हुए चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों में भी भाजपा ने असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में शानदार प्रदर्शन करके अपनी सियासी पकड़ को और मजबूत कर लिया है। इसी बीच देश के जाने-माने चुनाव विश्लेषक प्रदीप गुप्ता ने भाजपा के भविष्य को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है।

क्या देश में फिर लौट आया है एकतरफा राजनीति का दौर?

अनेक चुनावों के सटीक और भरोसेमंद नतीजे बताने के लिए मशहूर पोल एजेंसी ‘एक्सिस माई इंडिया’ के सर्वेसर्वा प्रदीप गुप्ता का मानना है कि जब तक केंद्र सरकार के काम-काज में कोई बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिलती, तब तक भाजपा को सत्ता से बेदखल करना नामुमकिन है। उन्होंने देश के राजनीतिक इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय राजनीति एक बार फिर से उसी दौर में पहुंच गई है जहां किसी एक दल का पूरी तरह से दबदबा होता है, जैसा कभी कांग्रेस के जमाने में हुआ करता था। तमिलनाडु के हालिया चुनावी संग्राम में अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके की जीत की बिल्कुल सही भविष्यवाणी करने वाले गुप्ता ने इस बार केंद्र की सत्ता को लेकर बड़ा बयान दिया है।

सत्ता के इस महाचक्र में कितने साल राज करेगी भाजपा?

जब प्रदीप गुप्ता से यह पूछा गया कि भाजपा आखिरकार कितने सालों तक देश की सत्ता पर काबिज रह सकती है, तो उन्होंने आंकड़ों और इतिहास के नजरिए से इसका विश्लेषण किया। उनके मुताबिक साल 2014 में पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता संभालने वाली भारतीय जनता पार्टी का यह राजनीतिक दबदबा कम से कम बीस सालों तक लगातार कायम रह सकता है। उन्होंने इसके पीछे की वजह समझाते हुए कहा कि राजनीति हमेशा एक निश्चित चक्र के हिसाब से चलती है। आजादी के बाद कांग्रेस ने साल 1977 तक देश पर एकछत्र राज किया था और उसके बाद ही उसे पहली बार बड़ी चुनौती मिली थी। देश की सियासत में यह बीस साल का पीढ़ीगत बदलाव वाला नियम आज भी उतना ही सच है, जिसके चलते भाजपा लंबे समय तक सत्ता के केंद्र में बनी रहेगी।

विपक्ष की किस्मत का फैसला भी अब भाजपा के प्रदर्शन पर टिका

देश के इस बड़े राजनीतिक विश्लेषक का साफ कहना है कि सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि मौजूदा सरकार जनता की कसौटी पर कितनी खरी उतरती है। देश की जनता ने भाजपा को बहुत बड़ा और ऐतिहासिक जनादेश दिया है, जिसकी वजह से सरकार से आम लोगों की उम्मीदें और आकांक्षाएं भी सातवें आसमान पर पहुंच चुकी हैं। अब अगर भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को लगातार अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखना है, तो उन्हें जनता की उम्मीदों से भी बढ़कर बेहतरीन काम करके दिखाना होगा। जब तक सरकार का प्रदर्शन जमीन पर मजबूत रहेगा, तब तक उनकी गद्दी को कोई खतरा नहीं है और विपक्ष को सत्ता का स्वाद चखने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। लेकिन अगर गवर्नेंस के मोर्चे पर जरा भी ढिलाई हुई, तो विपक्ष को वापसी का मौका मिल सकता है।

वापसी की राह में कांग्रेस को लग सकता है लंबा वक्त

सियासी आंकड़ों और जनता के मिजाज को भांपने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हम साल 2029 के अगले लोकसभा चुनाव की भी बात करें, तो तब तक कांग्रेस को देश की सत्ता से बाहर रहे लगभग पंद्रह साल का एक बहुत लंबा अरसा बीत चुका होगा। इसके बावजूद, पूरे देश की जनता के भीतर यह पक्का भरोसा जगाने में कि कांग्रेस ही भाजपा का सबसे मजबूत और सही विकल्प है, पार्टी को कम से कम पांच साल का वक्त और लग सकता है। राजनीति के पंडितों का यह साफ कहना है कि किसी भी दल का सियासी भविष्य सोशल मीडिया के बयानों, रील्स या छोटे समय के लिए बनाए गए बयानों से तय नहीं होता है। इसके लिए नेताओं को जमीन पर उतरना पड़ता है और जनता के बीच जाकर उनके सोचने का नजरिया बदलना होता है, जिसमें एक लंबा समय लगता है।

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की स्थिति बेहद मजबूत

आने वाले विधानसभा चुनावों के लिहाज से सर्वे एजेंसी ने उत्तर प्रदेश और पंजाब की जमीनी हकीकत का भी एक बड़ा लेखा-जोखा साझा किया है। उत्तर प्रदेश की बात करें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी राज्य के भीतर बेहद मजबूत और सुरक्षित पायदान पर खड़ी दिखाई दे रही है। एजेंसी को जमीन से जो फीडबैक मिला है, उसके अनुसार यूपी की जनता वर्तमान सरकार के काम-काज और कानून व्यवस्था से काफी हद तक संतुष्ट है। यही वजह है कि फिलहाल भाजपा के लिए उत्तर प्रदेश में कोई बड़ा सियासी संकट या चुनौती नजर नहीं आती है। हालांकि, जानकारों ने यह भी साफ किया है कि यूपी की राजनीति हमेशा से बड़े उतार-चढ़ाव वाली रही है, जहां वोटरों का मूड कब और किस तरफ करवट बदल ले, यह कहना मुश्किल होता है।

पंजाब का चौतरफा मुकाबला और वोट शेयर का अनोखा गणित

दूसरी तरफ, पंजाब का चुनावी मैदान इस बार बेहद दिलचस्प और कांटे की टक्कर वाला साबित होने जा रहा है। पंजाब में इस समय आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा के बीच एक तगड़ा चौतरफा मुकाबला देखने को मिल रहा है।
जब किसी राज्य में मुकाबला चार बड़ी पार्टियों के बीच बंट जाता है, तो वहां वोटों का बिखराव बहुत बड़े पैमाने पर होता है। ऐसी स्थिति में चुनावी गणित पूरी तरह बदल जाता है और महज छब्बीस प्रतिशत वोट शेयर हासिल करने वाली पार्टी भी सीटों के समीकरण के चलते पूर्ण बहुमत के साथ अपनी सरकार बनाने में कामयाब हो सकती है। यही वजह है कि पंजाब की गद्दी पर कौन बैठेगा, इसकी लड़ाई पल-पल में रोमांचक होती जा रही है।

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विकास पाण्डेय

न्यूज एडिटर

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला मुख्यालय से वर्ष 1988 से निरंतर प्रकाशित हो रहे प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र 'केलो प्रवाह' के 'Digital Wing' में News Editor की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। Finance (NBFC) क्षेत्र के 15 वर्षों के अनुभव के बाद इन्होंने 'RIG24 Media Network' से Journalism की शुरुआत की और कार्य के दौरान ही 'BJMC' की Professional Degree प्राप्त की। ​विकास अक्टूबर 2021 से 'केलो प्रवाह' के Web News Portal और Social Media Platforms का संचालन एवं संपादन कर रहे हैं। ये विशेष रूप से क्षेत्रीय घटनाक्रम, Exclusive रिपोर्ट्स, सीएम की गतिविधियों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ Agriculture, Politics, Finance, Infrastructure, Development, Employment, Sports, Career, Current Affairs, सामाजिक, देश-प्रदेश और शासन-प्रशासन से संबंधित कई विषयों पर निरंतर लेखन कर रहे हैं, जो पाठकों की जरूरत के अनुसार उपयोगी हों।

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