Skip to content

Home | वसूलीबाजों के खिलाफ क्रशर संचालकों ने खोला मोर्चा, सारंगढ़-बिलाईगढ़ एसपी से की लिखित शिकायत, जबर्दस्ती क्रशर में घुसकर खबर छापने की धमकी देकर रकम मांगने का आरोप

वसूलीबाजों के खिलाफ क्रशर संचालकों ने खोला मोर्चा, सारंगढ़-बिलाईगढ़ एसपी से की लिखित शिकायत, जबर्दस्ती क्रशर में घुसकर खबर छापने की धमकी देकर रकम मांगने का आरोप

रायगढ़। टिमरलगा और गुड़ेली खुद को पत्रकार बताकर कुछ युवक अवैध वसूली करने में लगे हैं। अब इसकी शिकायत क्रशर संचालकों ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ एसपी से की है। शिकायत के जरिए ऐसे युवकों पर कार्रवाई की मांग की गई है। अलग जिला बनने के बाद रायगढ़ जिले के 90 प्रश लाइमस्टोन और डोलोमाइट क्रशर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में चले गए हैं। टिमरलगा और गुड़ेली में सौ से भी ज्यादा चूना पत्थर क्रशर और चूना भट्ठे स्थापित हैं।

अलग जिला बनने के बाद से इलाके में अवैध वसूली की गतिविधियां बढ़ गई हैं। क्रशर संचालक इससे खासे परेशान हो चुके हैं। कुछ युवकों का गिरोह क्रशरों में जांच करने पहुंच जाता है। खनिज विभाग इतनी चेकिंग नहीं करता जितना युवकों की टोली करने लगी है। खुद को पत्रकार बताकर क्रशरों में भी घुस जाते हैं। अवैध उगाही करने वालों से परेशान क्रशर संचालकों ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ एसपी राजेश कुकरेजा से लिखित शिकायत की है।

उनका कहना है कि आठवीं, दसवीं पास युवक खुद को पत्रकार बताकर अवैध तरीके से क्रशर में घुस जाते हैं। वहां जबरन फोटो और वीडियो बनाकर अवैध उगाही करने में लगे हैं। रुपए नहीं देने पर क्रशर बंद कराने की धमकी देते हैं। ऐसे फर्जी पत्रकारों की वजह से वैध पत्रकारों की छवि धूमिल हो रही है। कई विभागों में निर्माण कार्य तेजी से हो रहे हैं जिसमें मटेरियल सप्लाई क्रशरों से की जा रही है। लेकिन इन फर्जी पत्रकारों के कारण काम प्रभावित हो रहा है। सैकड़ों लोगों को रोजगार देने वाले क्रशरों से अवैध वसूली के कारण माहौल खराब हो रहा है। क्रशर संचालकों ने ऐसे युवकों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

पुलिस अधीक्षक से शिकायत करते हुए क्रशर व्यापारी

बैरियर में टिके रहते हैं युवक
बताया जा रहा है कि युवकों का गिरोह खनिज जांच चौकी के आसपास मंडराते रहता है। क्रशर में घुसकर वीडियो बनाने के अलावा रोड पर गाड़ियों को रोककर चेकिंग भी की जाती है। पूर्व खनिज अधिकारियों ने भी ऐसे कुछ युवकों को बढ़ावा दिया था। पहले दो-चार युवक ऐसे काम में लगे थे। लेकिन अलग जिला बनने के बाद दर्जन भर युवक इसी काम में लगे हैं। सुबह से शाम तक कथित पत्रकारों का गिरोह टिमरलगा-गुड़ेली में ही डटा रहता है।