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Raigarh News : धान-चावल ढो रही सभी गाड़ियां ओवरलोड, राईस मिलर कर रहे मनमानी, सरकारी काम की आड़ में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन, RTO खामोश

रायगढ़। धान खरीदी के साथ चावल जमा करने का काम भी चल रहा है। राइस मिलर परिवहन नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। तय क्षमता और अनुमति से अधिक धान व चावल लोड कर परिवहन किया जा रहा है। ओवरलोड गाड़ियों पर कार्रवाई करने के बजाय आरटीओ खुलकर ऐसा करने की अनुमति दे रहा है। सभी को खुली छूट मिली हुई है। कोई भी कितना भी धान या चावल लोड कर गाड़ी चला सकता है। इसका खामियाजा सडक़ें भुगत रही हैं। परिवहन विभाग ने हर भारवाहक वाहन की कैपेसिटी तय की है।

14 चक्का ट्रकों में अधिकतम 32 टन पासिंग कैपेसिटी है, जबकि 34-35 टन लोड किया जा रहा है। वहीं 12 चक्का गाड़ी में 24 टन पासिंग है, लेकिन 28 टन तक लोड किया जा रहा है। दस चक्का वाहन की लोड कैपेसिटी 21 टन तय है, लेकिन इसमें 24 टन भरकर परिवहन किया जा रहा है। सडक़ों का निर्माण करते समय उसकी कैपेसिटी भी तय की जाती है। वर्तमान में राइस मिलर समितियों से धान उठाने के अलावा चावल जमा करने का काम भी कर रहे हैं।

मार्कफेड से धान उठाव के लिए 18 टन, 24 टन, 28 टन और 35 टन के डीओ जारी करता है। राइस मिलर परिवहन बिलों में भी भारी गड़बड़ी करते हैं। चार डीओ में धान की मात्रा का उठाव तीन गाडिय़ों में कर लिया जाता है। एक गाड़ी की बोगस बिलिंग होती है। समिति से भी इन्हें आसानी से पावती मिल जाती है।

मात्रा के आधार पर भुगतान
ओवरलोड गाड़ियों के जरिए परिवहन नियमों का उल्लंघन किया जाता है। मार्कफेड धान उठाव की मात्रा के आधार पर मिलर को भुगतान करती है। इसलिए हर गाड़ी को ओवरलोड चलाकर ज्यादा मुनाफा कमाया जाता है। टैक्स की भी चोरी हो रही है। चावल की ओवरलोड गाड़ी एफसीआई में एंट्री नहीं हो पाती तो गेट के बाहर ही अलटी-पलटी की जाती है।